इस बार सावन के अतिशुभ अवसर पर अवश्य करें यह 5 व्रत होगी सारी मनोकामनाएं पूर्ण

शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव जी का अतिप्रिय महीना यानि सावन माह की शुरुआत हो चुकी है। शास्त्रों में सावन मास को सबसे सर्वोत्तम मास भी कहा गया है। वैसे तो सावन में पड़ने वाले व्रत की संख्या बहुत ज्यादा है परन्तु कुछ ऐसे विशेष व्रत भी होते हैं जिन्हें विशेष रूप से सावन के महीने में करने से शिव जी की विशेष कृपा उनके सभी भक्तों को प्राप्त होती है। हर बार सावन में कुल 5 व्रत ऐसे पड़ते ही हैं जिन्हें हर व्यक्ति को करना ही चाहिए।

धार्मिक मान्यता के अनुसार यदि हम इन व्रत के महत्वों को देखें तो हमें इस व्रत को करने से धर्म, अर्थ, भोग तथा काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। वास्तव में यह व्रत यदि सावन के महीने पड़े तो यह और भी ज्यादा चमत्कारी माना जाता है। सावन में पड़ने वाले सोमवार के व्रत के अलावा इन सभी व्रत को पूरे सच्चे मन से करने से शिव जी के सभी भक्तों को जीवन में कभी किसी चीजों की कमी नहीं होती है तो आइए जानते हैं ऐसे कौन से व्रत हैं जिसे सावन में करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

सावन के सोमवार का व्रत

सावन के महीने में रखने वाले व्रत में से सोमवार का व्रत रखना सबसे प्राथमिक माना जाता है। आपको बता दें सावन माह में आने वाला सोमवार ही सावन का सोमवार कहा जाता है जिसमे सभी भक्त व्रत रहकर शिव जी की कृपा प्राप्त करते हैं। सोमवार का दिन शिव जी के साथ-साथ चन्द्रमा को भी समर्पित होता है इसलिए यदि कुण्डली में चन्द्रमा की कमजोर स्थिति हो तो यह व्रत करने से कुण्डली में चन्द्रमा मजबूत हो जाता है। इसके अलावा सावन सोमवार का व्रत करने से जातक के जीवन में कभी किसी चीज की कोई कमी नही होती है। शिव जी अपने सभी भक्तों के सारे कष्ट दूर कर देते हैं।

सोलह सोमवार का व्रत

सावन सोमवार के बाद सबसे प्रचलित व्रत में से सोलह सोमवार का व्रत। इस व्रत की शुरुआत यदि आप सावन माह से कर रहे हैं तो ऐसा करना ज्यादा अतिशुभ और पवित्र माना जाता है। वास्तव में सोलह सोमवार का व्रत शिव जी के सभी भक्तों की मनोकामना की पूर्ति तथा अच्छे वर और वधू की कामना के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस व्रत को करने से सभी भक्तों को माँ पार्वती और शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है साथ ही उन्हें अपने जीवन के हर मोड़ में सफलता की प्राप्ति होती है। शिव जी और माँ पार्वती की कृपा दृष्टि से जातक की कुण्डली में मौजूद सभी ग्रह नक्षत्रों के अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाते हैं।

सावन में पड़ने वाला शिवरात्रि व्रत

बात करें यदि सावन में पड़ने वाले शिवरात्रि के व्रत की तो हर माह में पड़ने वाली शिवरात्रि के त्योहार का एक अलग महत्व होता है परन्तु हर माह में पड़ने वाली शिवरात्रि में दो शिवरात्रियाँ बहुत खास होती हैं पहला सावन माह में पड़ने वाली शिवरात्रि, दूसरा महाशिवरात्रि, सावन माह में पड़ने वाली शिवरात्रि में विधि-विधान से शिव जी की पूजा करने वाले सभी भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस माह में पड़ने वाली शिवरात्रि में सच्चे मन से पूजा अर्चना करते हुए शिव पंचाक्षर मंत्र यानि ओम नमः शिवाय का जाप करना चाहिए साथ ही शिव चालीसा का पाठ करने से सभी भक्त पाप से मुक्त हो जाते हैं साथ ही शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस वर्ष सावन माह में 2 शिवरात्रि का व्रत किया जायेगा जिससे आपको शिव जी की दो बार कृपा दृष्टि प्राप्त होगी।

सावन माह में प्रदोष व्रत का त्योहार

सावन माह में भगवान शिव और माँ पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रदोष व्रत भी अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है। इस दिन भी पूरे दिन सच्चे मन से शिव जी के लिए उपवास रखकर प्रदोष काल में भगवान शिव जी की पूजा-अर्चना की जाती है। यदि किसी कारणवश आप सभी प्रदोष व्रत नही कर पा रहे हैं तो सावन माह में आने वाले प्रदोष व्रत को अवश्य करना चाहिए। इस व्रत को करने से जातक को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। परिवार में कभी धन-धान्य की कोई कमी नही होती है साथ ही व्रत करने वाले जातक के परिवार में हमेशा खुशियाँ आयेंगी। जातक हमेशा निरोगी रहेंगे तथा तरक्की के मार्ग पर अग्रसर रहते हैं।

सावन माह में पड़ने वाला मंगला गौरी व्रत

सावन माह में पड़ने वाला मंगला गौरी व्रत भगवान शिव और माँ पार्वती को पूरी तरह से समर्पित होता है। सावन के सोमवार की तरह ही सावन में पड़ने वाले हर मंगलवार को मंगला गौरी व्रत करना अति उत्तम होता है। यह व्रत करने से जीवन में सुख शांति, संतान सुख, समृद्धि तथा ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। इस व्रत को श्रद्धापूर्वक करने से जातक के जीवन से सभी नकारात्मक शक्तियाँ कोसों दूर हो जाती हैं। नौकरी और व्यापार क्षेत्र में अत्यधिक उन्नति होती है इसलिए सावन के शुभ महीने में माँ पार्वती की कृपा पाने के लिए यह व्रत अवश्य करना चाहिए।