ऐसे करें शिवजी को प्रसन्न- पूजा विधि | प्रदोष व्रत |

अप्रैल माह का पहला प्रदोष व्रत 3 अप्रैल को मनाया जायेगा। प्रदोष व्रत प्रत्येक महीने के कृष्णपक्ष और शुक्ल पक्ष त्रयोदशी को मनाया जाता है। अप्रैल माह का प्रदोष व्रत अत्यन्त विशेष है क्योंकि यह सोमवार के दिन पड़ रहा है और सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है। यह प्रदोष व्रत सोमवार प्रदोष व्रत के नाम से जाना जायेगा। प्रदोष व्रत के दिन ही भगवान शिव प्रसन्न होकर नृत्य करते हैं। सोम प्रदोष के दिन सोम प्रदोष की कथा एवं पाठ अवश्य पढ़ें या सुनें। इस व्रत से कुण्डली में चन्द्रमा की स्थिति मजबूत होती है।आज भगवान शिव को फल, फूल तथा लड्डू अर्पित करें साथ ही माता पार्वती की पूजा अवश्य करें जिससे आपका जीवन सुखमय बना रहेगा । इस माह दो सोम प्रदोष का संयोग बना है जो शिव भक्तों लिए शुभ है ।

ऐसे करें शिवजी को प्रसन्न-पूजा विधि

आज के दिन प्रातः उठकर सभी क्रियाओं से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प करें।
उसके बाद भगवान शिव, माता पार्वती एवं गणेश जी की पूजा करें।
सबसे पहले शिवलिंग का अभिषेक करें उसके बाद नारियल, बेलपत्र, अक्षत, पुष्प, फल भांग इत्यादि अर्पित करें।
अब मावे की मिठाई का भोग लगाएं तथा उनके समक्ष देसी घी का दीपक जलाएं।
मन ही मन भगवान शिव का ध्यान करते रहें और ॐ नमः शिवाय का कम से कम 108 बार जाप करें।
शिव जी की विशेष कृपा पाने के लिए महामृत्युंजय मंत्र ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात् का जाप करें।

प्रदोष व्रत रखें इन बातों का विशेष ध्यान

व्रत के दौरान अन्न ग्रहण न करें केवल फलाहार ही खायें। व्रत नहीं कर पा रहें है तो, किसी गरीब या भिखारी को भोजन खिलाएं ।
आज के दिन पूर्ण ब्रह्ममचर्य का पालन करें।
आज किसी भी प्रकार के मांसाहारी भोजन से दूर रहें तथा नशीले पदार्थों के सेवन से बचें नहीं तो व्रत का फल प्राप्त नहीं होगा।

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प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत का आरम्भ 03 अप्रैल 2023, दिन सोमवार को प्रातः 06 बजकर 24 मिनट से हो रहा है तथा इसका समापन 04 अप्रैल 2023, दिन मंगलवार को दोपहर 08 बजकर 05 मिनट पर होगा।

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