ओवरथिंकिग आपके लिए किस तरह से नुकसानदायक हो सकता है? इसे कंट्रोल कैसे करे ?

शास्त्रों और वैज्ञानिकों के अनुसार बात करें यदि हम ओवरथिकिंग यानि बहुत ज्यादा सोचने की आदत की तो जरूरत से ज्यादा सोचना हमारे मस्तिष्क की मानसिक स्थिति, और हमारे भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक होता है परन्तु यह जानते हुए भी हम उसे कंट्रोल नहीं कर पाते हैं। आपको बता दें एक व्यक्ति के सामान्य जीवन में बहुत ज्यादा सोचना एक ऐसी नकारात्मक आदत है जो कई तरह के होने वाले स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से जोखिमों का कारण हो सकती है। आपने अपने जीवन में भी कभी न कभी इस तरह के ओवरथिकिंग को महसूस अवश्य किया होगा यही आदतें किसी व्यक्ति को धीरे-धीरे करके गंभीर रूप से अपना शिकार बना लेती हैं जिससे आप दिन प्रतिदिन एक नकारात्मक विचारों की तरफ अपने आपको पूरी तरह से आकर्षित करते चले जाते हैं। अतः यदि आप यह सब जानते हुए भी अपने इस ओवरथिकिंग को कंट्रोल नहीं कर पाते हैं तो हमारे योग्य ज्योतिषाचार्य के. एम. सिन्हा जी के द्वारा बताये गये इन आसान उपायों से अपनी ओवरथिंकिंग को आसानी से नियन्त्रित कर सकते हैं।

आपको यह बात भली-भाँति पता है कि ओवरथिकिंग या बहुत ज्यादा सोचने से एक व्यक्ति अपने जीवन में नकारात्मक आदत और नकारात्मक विचारों की ओर अत्यधिक आकर्षित होता चला जाता है जिसके कारण व्यक्ति के जीवन में एंजाइटी, डिप्रेशन और स्ट्रेस जैसी समस्याएं देखने को ज्यादा मिलती हैं और किसी व्यक्ति की इस प्रकार की समस्या के लिए बाजार में किसी तरह की दवा उपलब्ध नही है। ऐसे में इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बेवजह की बातों को सोचने के बजाय किसी उत्पादक कार्यों में अपना मन लगायेंगे तो ऐसा करना आपके लिए अत्यधिक लाभदायक होगा। अपनी बहुत ज्यादा सोचने की आदत को कम करने के लिए खुद पर भरोसा रखकर अपने जीवन में आगे बढ़ना भी बहुत जरुरी होता है तभी आप अपने इस ज्यादा सोचने की आदत से छुटकारा पा सकते हैं।

ओवरथिकिंग आपके सेहत को किस तरह से नुकसान पहुंचा सकता है

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किसी जातक के लिए ओवरथिकिंग एक बहुत ही ज्यादा नकारात्मक आदतों में से एक है। इसका जातक पर प्रभाव किसी मानसिक स्वास्थ्य कि समस्या होने के साथ-साथ जातक के भावनात्मक और भौतिक स्वास्थ्य को भी बुरी तरह से प्रभावित करने में सहायक होता है। यदि आप अपने जीवन में नियमित रूप से कुछ न कुछ सोच रहे हैं तो आपकी इन आदतों से पैनिक अटैक और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं। साथ ही अत्यधिक ओवरथिकिंग के कारण जातक अनिद्रा, मधुमेह तथा तनाव की समस्या से भी ग्रसित हो सकता है। इसके अलावा ज्यादा ओवरथिकिंग से आप मोटापे का शिकार भी हो सकते हैं।

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किसी व्यक्ति के अन्दर ओवरथिकिंग आने के कुछ सामान्य लक्षण

☸ जब कभी कोई जातक अपने जीवन में हो रही आस-पास की समस्याओं को अपने दिमाग में बहुत ज्यादा सोचने लगता है और सोचने के बाद भी उसका हल व्यक्ति को नही मिल पाता तो उसकी यह स्थिति ही जातक के ओवरथिकिंग के लिए जिम्मेदार होती है। कभी- कभी कुछ लोगों को यह लगने लगता है कि उनके ज्यादा सोच विचार करने से सब कुछ ठीक हो जायेगा परन्तु ऐसा बिल्कुल भी नहीं हैं यदि आप आने वाले कल के बारे में ज्यादा सोच विचार करेंगे तो आप वर्तमान समय में किसी गम्भीर बीमारी के शिकार हो सकते हैं। तो आइए हम ओवरथिंकिंग होने के कुछ लक्षणों को इस ब्लाॅग में जानते हैं।

☸ यदि कोई जातक उसके जीवन में कभी न कभी हुए शर्मिंदा वाले पल को एक शांत जगह बैठकर अपने दिमाग में बार-बार याद करता है तो नियमित रूप से ऐसा करने से जातक ओवरथिकिंग का शिकार हो सकता है।

☸ यदि कोई जातक अपने घर तथा ऑफिस की किसी भी परेशानियों या किसी भी प्रकार की चिंताओं को अपने मन से बाहर निकाल नहीं पा रहा है और हर समय चिंतित रह रहा है तो ऐसी स्थिति के होने से जातक ओवरथिकिंग का शिकार जल्द ही हो जाता है।

☸ यदि कोई जातक अकेले किसी शांत जगह पर बैठकर किसी ऐसी बातों को सोचने में लगे हुए है जिस पर उनका कोई नियन्त्रण नही है तो इस स्थिति में भी जातक ओवरथिकिंग का शिकार हो जाता है।

☸ यदि किसी जातक को प्रतिदिन किसी कारणवश सोने में दिक्कत हो रही है और उनका दिमाग शांत नहीं हो पा रहा है तो ऐसी स्थिति में भी जातक ओवरथिंकिग का शिकार हो जाता है।

☸ यदि कोई जातक अपने आस-पास हो रहे किसी भी तरह के बातों से बेखबर है और अपने ही किसी परेशानी और चिन्ता  में लगा हुआ है तो ऐसी स्थिति में होने से भी जातक ओवरथिंकिग का शिकार हो जाता है।

☸ यदि कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा अपने जीवन में परेशान है और बीती हुई या आने वाली किसी घटनाओं के कारण स्वयं से बार-बार यह सवाल पूछ रहा है कि यदि ऐसा होगा तो क्या होगा, वैसा होगा तो क्या होगा इस तरह कि स्थिति और सोच होने के कारण भी व्यक्ति ओवरथिंकिग का शिकार हो जाता है।

☸ यदि आप अपने जीवन में किसी व्यक्ति की कही गई बात को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित है और उनकी कहीं गई बातें आपके दिमाग में लगातार नियमित रूप से घूम रही हैं तो ऐसी स्थिति में भी आप ओवरथिंकिग के शिकार हो सकते हैं।

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☸ यदि कोई जातक बहुत लम्बे समय से बीती हुई किसी पुरानी बातों या किसी गम्भीर घटनाओं के होने में छिपे हुए अर्थ को तलाशने में लगे हुए हैं और अपना सारा समय उस बातों को सोचने और समझने में लगा दे रहे हैं तो ऐसी स्थिति मे भी आप ओवरथिंकिग के शिकार हो सकते हैं।

☸ यदि कोई जातक अपने जीवन में किये हुए किसी गलतियों के बारे में लगातार सोचते रह रहे हैं और अंदर से अपने आप को शर्र्मिंदा महसूस कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में भी आप बहुत ज्यादा ओवरथिंकिग के शिकार हो सकते हैं।

☸ यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा कही गई किसी बहुत पुरानी बातों के बारे में सोच रहा है, या फिर नियमित रूप से बिते हुए किसी घटना के बारे में यह सोच रहा है कि काश मैंने ऐसा न किया होता काश किसी से मैने ये न कहा होता तो ऐसी स्थिति में भी जातक ओवरथिंकिग का शिकार हो जाता हैं।

☸ यदि कोई व्यक्ति अपने किसी महत्वपूर्ण कार्यों के लिए निर्णय लेते वक्त भ्रमित हो रहे हैं और आपको यह महसूस हो रहा है कि आपके द्वारा लिया गया निर्णय आज हो सकता है तो ऐसे में आप बहुत ज्यादा ओवरथिंकिंग के शिकार हो सकते हैं।

☸ यदि कोई व्यक्ति हर समय क्रोध और तनाव में रह रहे हैं, दूसरों की बातों को नहीं समझ रहे हैं, साथ ही किसी एक चीजों में अपना ध्यान केन्द्रित नही कर पा रहे हैं तो ऐसी स्थिति में आप ओवरथिंकिग के शिकार हो सकते हैं।

ओवरथिंकिंग से कैसे बचें और उसे अपने जीवन में कंट्रोल कैसे करें
स्वयं को किसी अन्य कामों में विचलित करने की कोशिश करें

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यदि आप लम्बे समय से ओवरथिंकिंग के शिकार हो चुके हैं और किसी न किसी चीजों को लेकर हमेशा सोचते रहते हैं तो इससे बचने के लिए आपको अपना मन किसी पसंदीदा कार्यों में लगाना चाहिए साथ ही किसी तरह की नकारात्मक बातों को अपने दिमाग से निकाल कर हर समय कुछ अच्छा सोचने की कोशिश करनी चाहिए। इससे छुटकारा पाना आसान तो नहीं होता पर फिर भी इससे हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए आपके अपने रसोईघर में कोई नई रेसिपी बनाने का प्रयास कर सकते हैं या फिर अत्यधिक वर्कआउट या कला जैसी गतिविधियों में भाग लेने का प्रयास भी कर सकते हैं जिससे आपका मन वहाँ से हटकर किसी अन्य जगह लगेगा और आप इससे जल्द ही छुटकारा पा लेंगे।

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अपने काम के लिए परिपूर्णतावाद (पर्फेक्शनिज्म) पर ध्यान देना कम कर दें

यदि आप ओवरथिंकिंग के शिकार हैं और आप अपने इस बीमारी से जल्द ही छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको अपने हर चीजों को अच्छी तरह से करने की आदत पर ध्यान कम देना चाहिए। क्योंकि बहुत से लोग हर चीजों को अच्छी तरह से करने के लिए प्रयासरत रहते हैं और यदि कोई चीज अच्छी तरह से नही हो पाती है तो इसके लिए वह जातक अपने आप को ही दोषी समझने लगते है और अंत में वह व्यक्ति ओवरथिंकिंग के शिकार हो जाते हैं। इसलिए अपने दिमाग से सब कुछ अच्छे से कर पाने की आदत को निकाल दें और अपना पूरा ध्यान अपनी बीमारी को ठीक करने में लगाएं। क्योंकि किसी गलतियों को करने के बाद ही हम उस कार्य में कुशल हो सकते हैं।

प्रतिदिन ध्यान लगाने की आदत डालें

यदि आप अपने जीवन में ओवरथिंकिंग की समस्या से परेशान हैं और आपकी यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है, तो नियमित रूप से आपको ध्यान लगाने की आदत डालनी चाहिए ऐसा करने से आपका दिमाग हर समय शांत रहता है साथ ही आप हर समय होने वाले तनाव से मुक्त रहते हैं। अपने ओवरथिंकिंग को दूर करने के लिए अपने काम से लौटने के बाद ध्यान लगायें ऐसा करने से आपके अंदर सकारात्मक विचारों का समावेश होगा और आप अपनी समस्या से जल्द ही छुटकारा पा लेंगे।

अपनी सतर्कता विन्दुओं को समय रहते समझ लेना

यदि आप अपने जीवन में ओवरथिकिंग की समस्या से परेशान हैं और अपनी इस समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो ऐसे में अपनी एक सतर्कता बिन्दु पर विचार कर लेना अति आवश्यक होता है। वैसे तो सभी व्यक्ति में कोई न कोई सतर्कता बिन्दु (ट्रिगर प्वाइंट) अवश्य होता है जहाँ पहुंचकर वह व्यक्ति ओवरथिंकिंग के शिकार हो जाते हैं ऐसे में अपने सतर्कता बिन्दु को समझ लेना ही ओवरथिंकिंग की समस्या से छुटकारा पाने का अच्छा तरीका होता है।

गहरी सांस लेकर ओवरथिंकिंग कंट्रोल करें

यदि आप अपने जीवन में ओवरथिंकिंग की समस्या से मानसिक और शारीरिक दोनो ही रूप से परेशान हैं तो ऐसे में शांति से एक जगह बैठकर गहरी सांस लेना अत्यधिक लाभदायक होता है ऐसा करने से किसी जातक के दिमाग में चल रहे नकारात्मक विचारों को दूर करके आपके ओवरथिंकिंग की समस्या को दूर करने में भी मदद करता है।