क्यों मनाया जाता है नरक चतुर्दशी

नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली

धनतेरस के दूसरे दिन नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली का उत्सव मनाया जाता है।

यह पर्व अश्विन या कार्तिक महीने के अंधेरे पखवाड़े के चौदहवें दिन मनाया जाता है।

“नरक” का अर्थ है ‘नरक’ और “चतुर्दशी” का अर्थ है ‘चौदहवां’।

नरक चतुर्दशी पर यम का दीपक जलाया जाता है।

नरक चतुर्दशी के दिन आप दीपक जला सकते हैं और उन्हें घर के अलग-अलग हिस्सों में रख सकते हैं।

इस दिन कुल 12 दीपक जलाएं जाते हैं।

यह पर्व भारतीय उप महाद्वीप और नेपाल में भी मनाया जाता है।

इस दिन भगवान कृष्ण की उपासना भी की जाती है।

क्यों मनाया जाता है नरक चतुर्दशी

पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह खुशी का दिन कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर की हार से जुड़ा है।

जिसने 16,000 राजकुमारियों का अपहरण किया था।

नरक चतुर्दशी पर यमदेव की पूजा

इस दिन यम पूजा के लिए दीपक जलाएं जाते हैं ।

पुराने दीपक में सरसों का तेल और पांच अन्न के दाने डालकर इसे घर के कोने में जलाकर रखा जाता है

इसे यम दीपक भी कहते हैं ।

यम की पूजा करने से अकाल मृत्यु नहीं होती है ।

इस दिन क्यों लगाते हैं तेल

नरक चतुर्दशी के दिन सुबह उठकर अपने पूरे शरीर पर तेल की मालिश करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

माना जाता है कि तेल में लक्ष्मी जी का वास होता है और जल में गंगा मां का वास होता है।

ऐसा करने से नरक से मुक्ति मिलती है और स्वर्ग व सौंदर्य की प्राप्ति होती है।

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नरक चतुर्दशी विशेष

नरक चतुर्दशी के दिन पानी में थोड़े काले तिल डालकर नहाएं इससे पापों से मुक्त होकर स्वर्ग की प्राप्ति कर सकते हैं।

नरक चतुर्दशी के दिन पीले रंग के नए वस्त्र पहन कर यम का पूजन करें इससे अकाल मृत्यु एवं नरक में जाने का भय नहीं रहता।

नरक चतुर्दशी 2023 पूजा विधि

नरक चतुर्दशी के दिन यमराज, श्री कृष्ण, काली माता, भगवान शिव, हनुमान जी और विष्णु जी के वामन रूप की भी पूजा करें।

घर के ईशान कोण में सभी देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित करके विधि पूर्वक पूजन करें।

देवताओं के सामने धूप दीप जलाएं और उन्हें कुमकुम का तिलक भी लगाएं ।

उनको भोग अर्पित करके आरती कर पूजा सम्पन्न करें।

इस दिन शाम के समय यमराज के लिए दीपदान अवश्य करें।

नरक चतुर्दशी शुभ तिथि एवं मुहूर्त

नरक चतुर्दशी  12 नवम्बर, दिन रविवार को मनाया जायेगा।

स्नान मुहूर्त:-  प्रातः 05:28  से प्रातः  06:41 तक

अवधि:- 01 घण्टा 13 मिनट्स

चतुर्दशी तिथि प्रारम्भः- 11 नवम्बर 2023 को दोपहर 01:57 से

चतुर्दशी तिथि समाप्तः- 12 नवम्बर 2023 को  दोपहर 02:44 से