खरमास खत्म होते ही फिर बजेंगी शहनाईयां, जाने जनवरी माह से मार्च तक के कुल विवाह शुभ मुहूर्तः-

खरमास मे ना करें ये गलतियाँ

खरमास का महीना सभी शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना गया है। इसलिए खरमास में विवाह, मुण्डन इत्यादि शुभ कार्यों के साथ इन सभी कार्यों को भी नही करना चाहिए जैसे मकान, भूमि, वाहन, खरीदना क्योंकि इसका सम्पूर्ण सुख आपको नही मिल पाता है। साथ ही मांस मदिरा, गेहूं, चावल, सफेद, धान मूंग, जौ, तिल, कटहल, जीरा, आँवला, सुपारी, सेंधा नमक भी नही खाना चाहिए।

क्यों नही करते खरमास में विवाह

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार खरमास माह में किया गया विवाह लम्बे समय तक नही चलता है। पति-पत्नी में कलह की स्थिति बनी रहती है। इसलिए खरमास माह में विवाह नही करना चाहिए।

वर्ष 2023 में 16 दिसम्बर को खरमास लगा है और खरमास नये वर्ष में 14 जनवरी 2023 को समाप्त होगा। खरमास लगते ही सारे शुभ कार्य रुक गये है परन्तु खरमास के खत्म होते ही दोबारा सभी मांगलिक कार्य आरम्भ हो जायेंगे। शास्त्रों मे बताया गया है कि खरमास मे किया गया कार्य शुभ फल नही देता है।

14 जनवरी 2023 को जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे तो सभी शुभ कार्य आरम्भ हो जायेंगे लेकिन हिन्दू पंचाग के अनुसार 15 मार्च से फिर से खरमास लग जायेगा। इसलिए हम यहां 15 जनवरी से लेकर 15 मार्च तक विवाह के शुभ मुहूर्त बता रहे है जो इस प्रकार है-

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जनवरी 2023 में विवाह के शुभ मुहूर्त

तिथि               दिन                   नक्षत्र         शुभ मुहूर्त

15 जनवरी      रविवार              स्वाती            15 जनवरी को शाम 07ः12 से 16 जनवरी प्रातः 7ः15 तक

18 जनवरी      बुधवार             अनुराधा          18 जनवरी को प्रातः 7ः15 से शाम 05ः23 तक

25 जनवरी      बुधवार            उत्तर भाद्रपद   25 जनवरी शाम 4ः05 से 26 जनवरी 7ः12 तक

27 जनवरी      शुक्रवार             रेवती             27 जनवरी को 7ः12 से 12ः42 तक

30 जनवरी      सोमवार            रोहिणी          रात्रि 10ः15 से 31 जनवरी को 7ः10 मिनट तक

31 जनवरी       मंगलवार          रोहिणी          शाम 7ः10 से 1 फरवरी को 00ः15 तक

फरवरी मे विवाह के शुभ मुहूर्त

तिथि               दिन                   नक्षत्र      शुभ मुहूर्त

6 फरवरी      सोमवार                मघा     रात्रि 11ः44 से 7 फरवरी प्रातः 7ः06 तक

7 फरवरी      मंगलवार              मघा      7ः06 से 4ः03 तक

9 फरवरी      बृहस्पतिवार उत्तरा फाल्गुनी, हस्त प्रातः 7ः05 से 10 फरवरी प्रातः 7ः04 तक

10 फरवरी     शुक्रवार              हस्त           प्रातः 7ः04 से 4ः45 तक

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12 फरवरी     रविवार               स्वाती           12 फरवरी को रात्रि 9ः05 से 13 फरवरी रात्रि 2ः27 तक

13 फरवरी     सोमवार           अनुराधा          दोपहर 2ः36 से 14 फरवरी को प्रातः 7ः01 तक

14 फरवरी     मंगलवार          अनुराधा          प्रातः 7ः01 से दोपहर 12ः26 तक

22 फरवरी     बुधवार  उत्तर भाद्रपदए रेवती   प्रातः 6ः54 से 23 फरवरी को प्रातः 6ः53 तक

23 फरवरी    बृहस्पतिवार      रेवती               प्रातः 6ः53 से दोपहर 2ः23 तक

मार्च माह में विवाह के कुल चार शुभ मुहूर्त है

तिथि               दिन                   नक्षत्र      शुभ मुहूर्त

6 मार्च          सोमवार             मघा       प्रातः 6ः41 से शाम 4ः17 तक

9 मार्च          बृहस्पतिवार     हस्त       रात्रि 9ः08 से 5ः57 तक ;10 मार्च कोद्ध

11 मार्च         शनिवार          स्वाती        प्रातः 7ः11 से रात्रि 7ः52 तक

13 मार्च        सोमवार         अनुराधा      प्रातः 8ः21 से शाम 5ः11 तक