गाँधी जयन्ती

क्या है गाँधी जयन्तीः-

भारत के राष्ट्रपिता मोहनदास करमचन्द्र गाँधी जिसको बापू या महात्मा गाँधी की संज्ञा दी गई है, उन्हीं के जन्मोत्सव को गाँधी जयन्ती के रुप मे मनाया जाता है, गांधी जयन्ती को विश्व अहिंसा दिवस के रुप मे भी मनाया जाता है। महात्मा गांधी को पूरे विश्व मे अहिंसात्मक आन्दोलन के लिए जाने जाते है और यह दिवस (गाँधी जयन्ती) उनके (महात्मा गाँधी) प्रति विश्व-स्तर पर सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है।

क्यों मनाई जाती है गाँधी जयन्तीः-

जब भारत देशों अंग्रेजो का गुलाम था तब महात्मा गाँधी ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने स्वतंत्रता के लिये अंग्रेजो के विरुद्ध अपने पूरे जीवन संघर्ष किया, बापू का लक्ष्य अहिंसा ईमानदारी तथा अच्छे प्रथाओ के जरिए एक नये समाज का स्थापना करना था। उनका ( महात्मा गाँधी का ) कहना था कि अहिंसा एक दर्शन , सिद्धान्त और एक अनुभव है जिसके आधार पर नये समाज का निर्माण करना सम्भव है, उनके अनुसार समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान दर्जा और समान अधिकार मिलना चाहिए, उनके लिंग, धर्म, रंग और जाति के आधार पर कोई भेद-भाव नही करना चाहिए। भारत के साथ-साथ विश्वभर में महात्मा गाँधी के सादे जीवन, सरलता और समर्पण के साथ जीवन जीने के सर्वोच्च आदर्श के रुप में सराहना किया जाता है, महात्मा गाँधी के सिद्धान्तों को पूरी दुनिया ने अपनाया है इसलिए उनकें जन्मदिन को बहुत उत्साह एवं धूम-धाम से मनाया जाता है, महात्मा गाँधी की जयन्ती राष्ट्रीय अवकाश के रुप मे मनाई जाती है।

गाँधी जयन्ती कब एवं कैसे मनाई जाती हैः-

भारत मे गाँधी जयन्ती प्रत्येक वर्ष 02 अक्टूबर को मनाया जाता है क्योंकि महात्मा गाँधी का जन्म 02 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर गुजरात मे हुआ था, गाँधी जयन्ती के दिन भारत के राजघाट नई दिल्ली मे गाँधी जी के प्रतिमा के सामने श्रद्धांजलि देकर राष्ट्रीय अवकाश के रुप में मनाई जाती है। गाँधी जयन्ती के दिन महात्मा गाँधी के समाधि पर भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की उपस्थिति में प्रार्थना आयोजित की जाती है, गाँधी जयन्ती के दिन महात्मा गाँधी का प्रिय भक्ति गीत (रघुपति राघव राजा राम) उनकी स्मरति मे गाया जाता है।
अधिकतर स्कूलों आदि मे एक दिन पहले ही गाँधी जयन्ती को मना दिया जाता है, इस दिन विद्यार्थी वर्ग कला, विज्ञान, निबन्ध की प्रतियोगिता मे हिस्सा लेते है और साथ ही अहिंसा और शांति को बढ़ावा देने के लिए भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है, विद्यालयों में इस दिन शिक्षक और विद्यार्थी गाँधी जी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते है और कुछ मिनट का मौन भी धारण करते है।
02 अक्टूबर को गाँधी जयन्ती के साथ-साथ लाल बहादुर शास्त्री जयन्ती भी मनाया जाता है क्योंकि इनका (लाल बहादुर शास्त्री) जन्म भी 02 अक्टूबर 1904 को हुआ था और इन्होने भी अपना सम्पूर्ण जीवन भारत के आजादी के लिए समर्पित कर दिया।

गाँधी जयन्ती का महत्वः-

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने स्वतंत्रता के लिए लम्बे समय तक लड़ाई लड़ी थी और उन्होंने सत्य और अहिंसा के आदर्शो पर चलकर भारत को गुलामी से मुक्त कराया था, गाँधी जयन्ती के रुप मे उनके जन्मदिन को मनाकर देश के राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित करते है। इस दुनिया को शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ाने की दिशा में महात्मा गाँधी जी का योगदान समानांतर है, गाँधी जी का मानना था कि हिंसा और हथियार ही समस्या का समाधान नही है इसलिए बापू को सत्य और अहिंसा का पुजारी माना जाता है, गाँधी जी के मुख्य हथियार सत्य और अहिंसा थे और इन्ही के जरिए गाँधी जी ने भारत को स्वतंत्रता दिलाई। महात्मा गाँधी और उनकी पत्नी (कस्तुरबा गाँधी) द्वारा बुरी प्रथाओं को हटाने के लिए काम जैसे छुआछुत महिला सशक्तिकरण आज भी सभी देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है।
गाँधी जी की अहिंसा रुपी छवि को सम्पूर्ण विश्व मे फैलने और दुनिया को अहिंसा का सन्देश के लिए ही संयुक्त राष्ट्र ने अन्तर राष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाना आरम्भ किया, गाँधी जी के योगदान को देखते हुए हम कह सकते है कि उनके जन्मोत्सव (गाँधी जयन्ती) का बहुत ही महत्व है।

महात्मा गाँधी के महत्वपूर्ण नारेंः-

☸ करो या मरो।
☸ भारत छोड़ो।
☸ जहाँ प्रेम है, वहाँ जीवन है।
☸भगवान का कोई धर्म नही है।
☸ जहाँ पवित्रता है, वही निर्भयता है।
☸ किसी की मेहरबानी मांगना, अपनी आजादी बेचना है।

देश के लिए जिसने विलास को ठुकराया था, त्याग विदेशी धागे उसने खुद ही खादी बनाया था, पहनकर काठ के चप्पल जिसने सत्याग्रह का राम सुनाया था देश का था अनमोल वो दीपक जो महात्मा कहलाया था।

गाँधी जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएं

 

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