जातक को मान, पद-प्रतिष्ठा तथा सम्पत्ति दिलायेगा शुभ कर्तरी योग

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार हमारी कुण्डली में बनने वाले दोष या योग किसी न किसी शुभ या अशुभ ग्रहों के प्रभाव की वजह से ही होते हैं। अतः इन्ही योगों का हमारे मानव जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। इन्हीं योगों में से एक योग है शुभ कर्तरी योग यह योग किसी जातक की कुण्डली में बन जाए तो उस व्यक्ति को इसके शुभ प्रभाव मिलने लगते हैं यह योग किसी जातक की कुण्डली मे (बृहस्पति, शुक्र, चन्द्र और बुध) जैसे शुभ ग्रहों के योग से बनने के कारण वास्तव में बहुत खास होते हैं।

कर्तरी योग क्या होता है

किसी भी जातक की कुण्डली में ग्रहों की शुभ और अशुभ स्थिति के कारण ही इन योगों का निर्माण होता है। यह योग जातक की कुण्डली में तब होता है जब दो शुभ या अशुभ ग्रह कुण्डली के लग्न भाव या चन्द्रमा से किसी अन्य घर को घेर लेती है अतः कुण्डली में बनी हुई यह स्थिति केन्द्र भाव के गुणों में वृद्धि करती है। वास्तव में कर्तरी योग दो प्रकार के होते हैं पहला शुभ कर्तरी योग और दूसरा पाप कर्तरी योग, जब कभी किसी जातक की कुण्डली में शुभ कर्तरी योग का निर्माण होता है तो वह गुरु, शुक्र, चंद्रमा और बुध ग्रहों की उपस्थिति से निर्मित होता है इसके अलावा जब कुण्डली में पाप कर्तरी योग का निर्माण होता है तो वह सूर्य, मंगल, शनि, राहु और केतु के तहत ही निर्मित होता है। तो आइए हम शुभ कर्तरी योग के बारे में हमारे योग्य ज्योतिषाचार्य के. एम. सिन्हा जी के द्वारा विस्तार से जानते हैं।

READ ALSO   KRISHNA JANMASHTAMI
शुभ कर्तरी योग का निर्माण कैसे होता है

जब कभी किसी जातक की कुण्डली में शुभ कर्तरी योग का निर्माण होता है तो उसमें बृहस्पति, चंद्रमा, शुक्र और बुध ये सभी ग्रह मुख्य रूप से इस तरह के शुभ योगों को बनाने में जिम्मेदार होते हैं।

इस योग के निर्माण में कुण्डली में स्थित बारह भावों में से किसी भी एक भाव के दोनो ओर एक लाभकारी और शुभ ग्रह होता है। इस योग में एक या एक से अधिक शुभ ग्रह एक दूसरे के अगल-बगल होने के कारण हमेशा ही शुभ प्रभाव डालते हैं। इस योग में उपस्थित शुभ ग्रह एक लाभकारी ग्रहों की स्थितियों के अनुसार अलग-अलग भी हो सकते हैं और उससे संबंधित ग्रहों की स्थितियों के अनुसार ही एक व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति कराते हैं।

शुभ कर्तरी योग के महत्व

जब किसी जातक की कुण्डली में शुभ कर्तरी योग का निर्माण होता है तो यह शुभ योग जातक को आध्यात्मिकता की ओर ले जाने में अत्यधिक योगदान देतें है। यह योग व्यक्ति को लगातार एक लंबी यात्रा करके लाभ कमाने के अवसर प्रदान कराता है। जिन जातकों की कुण्डली में शुभ कर्तरी योग बने हुए हैं तो इन्हें अपने जीवन में लम्बे समय तक लाभ कमाने के लिए अपने पिता की देखभाल तथा उनकी सेवा अवश्य करनी चाहिए इसके अलावा यह शुभ योग जातक को एक सम्पूर्ण जीवन और आपकी सम्पत्ति या विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाता है।

शुभ कर्तरी योग का जातक पर पड़ने वाला प्रभाव

☸ यदि किसी जातक की कुण्डली में शुभ कर्तरी जैसा शुभ योग बना हुआ है तो ऐसा व्यक्ति अत्यधिक धनवान और पराक्रमी होता है परन्तु यदि कुण्डली के किसी भावों में उपस्थित शुभ ग्रहों पर यदि अशुभ ग्रहों की दृष्टि पड़ रही हो तो ऐसी स्थिति में कुण्डली पर पड़ रहा शुभ कर्तरी योग प्रभावहीन हो जाता है जिसके कारण उन्हें शुभ फलों की प्राप्ति नहीं हो पाती है।

READ ALSO   पितृपक्ष के किस तिथि में कौन-कौन से पितरों का श्राद्ध करें

☸ किसी जातक की कुण्डली में यदि शुभ कर्तरी योग बना है, तो इस योग के बनने से जातक को इसके शुभ फलों की प्राप्ति होती है परन्तु यदि आपको इसके और अधिक शुभ फलों को प्राप्त करना है तो इस योग को और अधिक प्रबल बनाने के लिए (बृहस्पति, शुक्र, चन्द्र, बुध) का जाप करना चाहिए और यदि यह जाप आप स्वयं न कर पायें तो किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह से उसे अवश्य करवा लेना चाहिए।

☸ यदि किसी जातक की कुण्डली में आपकी राशि के स्वामी ग्रह यह योग बना रहे होते हैं तो इनके कारक तत्वों पर भी इन ग्रहों का अत्यधिक प्रभाव पड़ता है। जैसे बुध ग्रह को वाणी का कारक कहा जाता है और यदि यह ग्रह शुभ कर्तरी योग का निर्माण आपकी कुण्डली में कर रहे हैं तो इससे जातक की बुद्धि और वाणी की क्षमता में वृद्धि होती है।

☸ शुभ कर्तरी योग का निर्माण यदि किसी जातक की कुण्डली में हो रहा है तो यह योग अपनी शुभता से जातक को सुख-समृद्धि तथा मनोवांछित फलों की प्राप्ति कराता है साथ ही किसी रचनात्मक कलाओं के लिए जातक को प्रोत्साहित करता है।

☸ यदि किसी जातक की कुण्डली में शुभ कर्तरी योग का निर्माण हुआ है तो ऐसे जातकों का अपने आस-पास के लोगों से मधुर संबंध होता है। ऐसे जातक जो भी लक्ष्य निर्धारित करते हैं उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के पूरे प्रयास में लगे रहते हैं साथ ही उच्च सफलता की प्राप्ति करते हैं।

☸ शुभ कर्तरी योग के बनने से जातक को शिक्षा में उच्च सफलता प्राप्त करने में मदद मिलती है जिसका फल उनको भविष्य में अवश्य मिलता है।

READ ALSO   KAJARI TEEJ

☸ शुभ कर्तरी योग के बनने से जातक अपने जीवन में अत्यधिक ऊर्जा और वीरता प्राप्त करता है जिससे वे जातक एक वीर राजनायिक बनता है इसके अलावा यह व्यक्ति खेल में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन प्राप्त करता है।