हनुमान चालीसा की इन 5 चौपाईयों के जाप से दूर भाग जाती हैं सभी परेशानियाँ

हिंदू धर्म में सभी देवी-देवताओं का अपना एक विशेष महत्व है और उनका एक दूसरे के साथ तुलना करना मूर्खता होगा। आज हम हनुमान जी के मंत्रों की महत्ता को जानेंगे जिनका उपाय एवं जप हमको कई विपरीत परिस्थितियों में लाभ देगा। कई मान्यताओं के अनुसार इस आधुनिक समय में भी हनुमान जी सशीर भ्रमण करते हैं जब भी कोई जातक कष्ट में रहता है और हनुमान जी को याद करता है तो हनुमान जी उनके कष्टों को दूर कर देते हैं। ऐसे में जातकों के जीवन के कई समस्याओं का समाधान हनुमान चालीसा में लिखा है यदि जातक नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें तो उसके जीवन के सभी कष्ट समाप्त हो जायेंगे लेकिन आप पूरा चालीसा नही पढ़ पा रहे हैं तो इन चौपाईयों को पढ़कर अपनी परेशानियों को दूर कर सकते हैं। जो इस प्रकार से है।

।।भूत पिशाच निकट नही आवे । महावीर जब नाम सुनावे।।

हनुमान चालीसा का यह चौपाई बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है यदि किसी जातक को निरन्तर भय लगा रहता है तो नियमित इस चौपाई का जाप करने से भय खत्म हो जाता है।

।। नासे रोग हरे सब पीरा । जो सुमिरे हनुमत बलबीरा ।।

यदि आप लम्बे समय से किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो अथवा बार-बार बीमार पड़ जाते हैं तो सुबह- शाम हनुमान जी की आराधना करें एवं उपरोक्त चैपाय का जाप करें ।

।। अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता। असबर दीन जानकी माता ॥

हनुमान चालीसा की यह चौपाई सर्वाधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि इस चौपाई में हनुमान जी आठ सिद्धियों और नौ निधियों को देने वाले भगवान हैं। भगवान हनुमान जी को यह वरदान माता सीता ने दिया था। यदि आप जीवन में किसी प्रकार की शक्ति को प्राप्त करना चाहते हैं तो इस चौपाई का पाठ अवश्य करें।

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।। विद्यमान गुनी अति चातुर । रामकाज करीबे को आतुर ।।

हनुमान जी की यह चौपाई ज्ञान, बुद्धि और धन-सम्पति के लिए महत्वपूर्ण है यदि प्रतिदिन इस चौपाई का जाप किया जाए तो विद्या की प्राप्ति होगी। अतः विद्यार्थियों के लिए यह चौपाई लाभदायक रहेगी।

।। भीम रूप धरि असुर संहारे । रामचंद्र जी के काज संवारे ॥

यदि आप अपने शत्रुओं से परेशान हैं तो इस चौपाई को कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए। हनुमान जी को प्रसन्न करने एवं उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए।