मिथुन संक्रान्ति 2023 | Mithoon Sankranti Benefit |

ज्योतिष विद्या के अनुसार 12 महीनो की भाँति 12 राशियां होती है, प्रत्येक महीने में एक संक्रान्ति होती है और उसके साथ अलग-अलग राशियाँ जुड़ी होती है। इसी प्रकार मिथुन संक्रान्ति हिन्दू धर्म में मनाये जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है, एक वर्ष में 12 संक्रान्ति होते है और इन संक्रान्तियों के दिन दान-पुण्य आदि करना शुभ माना जाता है। जब सूर्य वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में गोचर करता है तो उसे मिथुन संक्रान्ति कहते है। ब्राह्मण्ड में होने वाले इस परिवर्तन से सौरमण्डल में काफी बदलाव आता है। दक्षिण भारत में इस संक्रान्ति को मिथुन संक्रमणम के नाम से जाना जाता है। पूर्व मे इसे आषाढ़ तो दक्षिण के केरल में इसे मिथुनम ओंठ के रुप में जाना जाता है। उड़ीसा में इसे ‘‘ राजा-संक्रान्ति’’ के नाम से जाना जाता है। जो चार दिन तक चलता है जिसमें पहले दिन पहिली राज, दूसरे दिन मिथुन संक्रान्ति, तीसरे दिन भू दाहा एवं चौथे दिन वसुमति शामिल होता है।

मिथुन संक्रान्ति कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार मिथुन संक्रान्ति के उपलक्ष्य में चार दिवसीय उत्सव मनाया जाता है। कथा में बताया गया है कि प्राचीन काल में देवी भू-देवी जो भगवान विष्णु की धर्मपत्नी थी, उन्हें सृष्टि के विकास के लिए तीन दिनों का मासिक धर्म हुआ था, चैथे दिन उन्हें स्नान कराया गया। जिसे वासुमती गधुआ भी कहा जाता है, मसाला पिसने वाले पत्थर सिलबट्टा को भूदेवी का प्रतीक माना जाता है। जगन्नाथपुरी में भू-देवी की चांदी की मूर्ति विराजमान है। जिससे उस मन्दिर की सुंदरता और बढ़ गई है।

बारहों राशियों पर मिथुन संक्रान्ति का प्रभाव

मेष राशिः- सूर्य के गोचर से होने पर मेष राशि वाले जातकों को पिता का आशीर्वाद और सहयोग मिलेगा, नौकरी कर रहे लोगों के पदोन्नति में वृद्धि की सम्भावना बन रही है, नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को सरकारी नौकरी मिलने के योग बन रहे है, राजनीति से जुड़े लोगों को पहले की अपेक्षा कोई बड़ा पद मिल सकता है, शुभ समाचार मिलने के योग भी बना हुआ है।

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वृषभ राशिः- मिथुन संक्रान्ति के कारण वृषभ राशि वाले जातकों को धन से सम्बन्धित चिंताएं हो सकती है, सूर्य के गोचर के कारण वृषभ राशि वाले जातकों के खर्चों में अधिकता बनी रहेगी, इस गोचर के प्रभाव के कारण आपको आँख से सम्बन्धित समस्या हो सकती है। जीवनसाथी के साथ कुछ मनमुटाव या विवाद हो सकता है।

मिथुन राशिः- मिथुन राशि में सूर्य का संक्रान्ति अच्छा रहेगा इस समय में आपको पैतृक सम्पत्ति का लाभ मिल सकता है। धन-अर्जन के लिए मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय ठीक रहेगा, इस समय आपको अपना प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। जिसका लाभ आपको अवश्य उठाना चाहिए।

कर्क राशिः- कर्क राशि वाले जातकों के लिए सूर्य का गोचर अत्यधिक अच्छा रहेगा, यदि आपने कही निवेश किया है तो इस समय आपको उससे लाभ प्राप्त होगा। सूर्य के गोचर काल में आपको कई स्त्रोतों से धन की प्राप्ति हो सकती है। किसी से भी अपनी गुप्त बात साझा ना करें, मिथुन संक्रान्ति के दौरान सूर्य-देव की आराधना करें। आपकी सभी मनोरथें पूर्ण होंगी।

सिंह राशिः- मिथुन संक्रान्ति के प्रभाव से सिंह राशि के जातकों को सरकार के माध्यम से कुछ सहयोग मिल सकता है। आमदनी के स्त्रोत बढ़ सकते है। सूर्य के गोचर के प्रभाव से लाभ की प्राप्ति होगी, आर्थिक स्थिति में पहले की अपेक्षा सुधार आयेगा।

कन्या राशिः- मिथुन राशि के प्रभाव से कन्या राशि वाले जातकों को अपने पिता का सहयोग मिलेगा, कार्य-व्यवसाय मे उत्पन्न हो रही समस्याएं होगीं तथा नए अवसर की प्राप्ति होगी मिला-जुलाकर मिथुन की यह संक्रान्ति कन्या राशि के जातकों के लिए उत्तम रहेगा।

तुला राशिः- सूर्य के इस गोचर के कारण तुला राशि के जातकों को कुछ स्वास्थ्य सम्बन्धित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, अगर आप कोई नया कार्य या व्यवसाय आरम्भ करना चाहते है तो कुछ समय पश्चात करें, निवेश के लिए मिथुन संक्रान्ति आपके लिए उत्तम नही है। इसलिए यदि आप निवेश की योजना बना रहे है तो आप एक माह के लिए प्रतिक्षा करें।

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वृश्चिक राशिः- सूर्य का यह गोचर वृश्चिक राशि के जातकों के लिए अच्छा रहेगा इस समय आपकी विदेश जाने की सम्भावना बनी हुई है। कार्य-व्यवसाय के दृष्टिकोण से यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा। दाम्पत्य जीवन में शांति बनी रहेगी। सूर्य को गोचर पैतृक सम्पत्ति से लाभ दिला सकता है परन्तु इस अवधि में आपके पिता को स्वास्थ्य सम्बन्धित परेशानियां भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए पहले से सावधान रहें।

धनु राशिः- मिथुन की संक्रान्ति आपके लिए सकारात्मक रहने वाली है यदि कोर्ट-कचहरी में आपका कोई मामला चल रहा है तो उसका परिणाम आपके पक्ष में आ सकता है। सूर्य का गोचर आपके मान-पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि कराएगा, इस अवधि में आपके विदेश यात्रा का योग बन रहा है। विद्यार्थी वर्ग को प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता मिलने की पूरी संभावना है।

मकर राशिः- मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर मिलाजुला परिणाम देने वाला रहेगा, व्यापार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी परन्तु अचानक से धन-लाभ भी हो सकता है। इस राशि के जो जातक नौकरी की खोज में है उन्हें नौकरी मिलने की सम्भावनाबन रही है। भूमि खरीदने के लिए यह समय उत्तम रहेगा। दाम्पत्य जीचन खुशमय रहेगा परन्तु इस समय आपको स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहना चाहिए क्योंकि सूर्य के गोचर में आपको शारीरिक समस्या उत्पन्न हो सकती है। इस अवधि में आप वाहन आदि से दूरी बनाकर रखें।

कुंभ राशिः- मिथुन संक्रान्ति के कारण कुंभ राशि के जातकों का परिवार के सदस्यों का साथ कुछ मनमुटाव हो सकता है। कार्य-व्यवसाय में आपको लाभ मिलेगा, मित्रजनों के साथ यात्रा का सम्भावना बन रहा है। सूर्य के इस गोचर में आपको किसी वाद-विवाद में नही फॅसना चाहिए क्योंकि ऐसा करने पर आपकों मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

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मीन राशिः- मीन राशि के जातकों के लिए मिथुन का यह संक्रान्ति मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। मित्रजनों का सहयोग मिलेगा, जीवनसाथी के साथ सम्बन्ध सामान्य रहेगा। इस अवधि में आपका झुकाव धर्म की तरफ बढ़ जायेगा परन्तु आपको स्वास्थ्य सम्बन्धित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आपको पहने से सतर्क रहना चाहिए।

मिथुन संक्रान्ति का महत्व

सनातन धर्म में मिथुन संक्रान्ति का विशेष महत्व होता है, अलग-अलग जगहों पर इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन से वर्षा ऋतु की आरम्भ होती है, अच्छी फसल होने के लिए किसान लोग भी इस दिन पूजा करते है, मिथुन संक्रान्ति के दिन भगवान सूर्य की पूजा करने से साधकों के सभी कष्ट दूर हो जाते है।

मिथुन संक्रान्ति पूजा विधि

☸ मिथुन संक्रान्ति के दिन प्रातः काल नित्य क्रिया से निवृत्त होकर किसी नदी या घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
☸ उसके बाद भगवान सूर्य को अर्घ दें तथा उनकी पूजा-अर्चना भी करें।
☸ तत्पश्चात सिलबट्टे (भू देवी का प्रतीक) की पूजा चंदन, सिंदूर, हल्दी व फूल आदि द्वारा करें।
☸ इस दिन गुड़, नारियल, चावल के आटे व घी से मिठाईयाँ भी बनाये और भूदेवी के समक्ष उसे अर्पित करने के बाद प्रसाद रुप में वितरित करें।

मिथुन संक्रान्ति 2023 शुभ तिथि एवं मुहूर्त

हिन्दू पंचांग के अनुसार मिथुन संक्रान्ति 15 जून 2023 दिन बुधवार को पड़ रहा है। मिथुन संक्रान्ति का आरम्भ 15 जून 2023 को दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर होगी इस समय पर सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।

 

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