शास्त्रों के अनुसार जानें माथे पर तिलक लगाना शुभ है या अशुभ

शास्त्रों के अनुसार हिन्दू धर्म में ऐसी बहुत सी परम्पराएं है जिनका महत्व बहुत ज्यादा है और यह परम्पराएं भी सदियों से वर्तमान समय तक चली आ रही हैं। धार्मिक व्यक्तित्व वाले लोग आज भी इन प्रथाओं का पालन करते आ रहे है अर्थात उन्ही प्रथाओं में से एक प्रथा माथे पर तिलक लगाने की भी है। अक्सर आपने देखा होगा कि हिन्दू धर्म के लोग अपने घर के मांगलिक तथा कई अन्य शुभ कार्यों में माथे पर तिलक अवश्य लगाते हैं।

इसके अलावा तिलक लगाने की इन प्रथाओं में कुछ लोग अलग-अलग चीजों से भी अपने माथे पर तिलक लगाने की प्रथा अपनाते हैं कुछ लोग हल्दी का कुमकुम कुछ लोग चंदन का, कुछ लोग सिंदूर का तथा कुछ लोग लाल चंदन का तिलक लगाने की परम्परा अपनाते हैं ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार माथे के बीचों-बीच में तिलक लगाना सबसे ज्यादा पवित्र और शुभ माना जाता है।

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखें तो माथे पर तिलक लगाना इसलिए भी शुभ माना जाता है क्योंकि माथे के बीचों-बीच सात चक्र होते हैं जिन्हें हमारे शरीर के अन्दर स्थित ऊर्जा का एक केन्द्र माना जाता है इसलिए जब कभी किसी शुभ कार्यों में आप अपने माथे पर तिलक लगाते हैं तो तिलक लगाने से आपके जीवन में सुख-शांति आती है साथ ही सुख-समृद्धि का द्वार खोलने में यह तिलक आपकी पूरी तरह से मदद करता है तो तिलक लगाना हमारे लिए शुभ है या अशुभ इसके बारे में ज्योतिषाचार्य के. एम. सिन्हा जी से समझते हैं।

माथे पर होता है ऊर्जा का केन्द्र

बात करें यदि हम माथे के बीचों-बीच वाले स्थान कि तो हमारे माथे के बीच का स्थान शरीर के चक्रों का समायोजन होता है जिसे अपार शक्ति का भण्डार माना जाता है इसके अलावा माथे का बीच वाला स्थान गुरु का स्थान भी होता है। यह स्थान एक आज्ञा चक्र माने जाने के कारण हमारे पूरे शरीर में यह ऊर्जा प्रदान करने का काम करता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनुसार हमारे माथे के बीच का स्थान तीन नाड़ियों के संयोजन से बना होता है जिसे की त्रिवेणी या संगम भी कहा जाता है माथे का बीच वाला स्थान हमारे शरीर की चेतना का सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है इसलिए योग या पूजा-पाठ करते समय माथे के बीच स्थान पर तिलक लगाना अत्यधिक शुभ माना जाता हैं जिससे हमारे मन को एकाग्रता प्रदान होता है।

किन उंगलियों से तिलक लगाना होता है शुभ

जब कभी हम अपने माथे पर तिलक लगाते हैं तो तिलक लगाते समय हमारी उंगलियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है तिलक लगाते समय हमारी उंगलियों के किये गये अलग-अलग प्रयोग से भी हमें किसी न किसी फलों की प्राप्ति होती है। वैसे तो तिलक किसी भी उंगली से लगाया जा सकता है परन्तु हथेली की अनामिका उंगली का प्रयोग मुख्य रुप से तिलक लगाने के लिए किया जाता है। कहा जाता है कि मोक्ष की प्राप्ति और आध्यात्मिक क्षेत्र में जिन व्यक्तियों को आगे बढ़ना होता है उन्हें अंगूठे से तिलक लगाना शुभ माना जाता है। किसी युद्ध में विजय प्राप्त करने तथा अपने शत्रुओं का नाश करने के लिए तर्जनी उंगली से माथे पर तिलक लगाना शुभ माना जाता है साथ ही धन की प्राप्ति के लिए किसी शुभ कार्यों में अपने हाथ की मध्यमा उंगली से तिलक लगाना अत्यधिक शुभ माना जाता है।

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तिलक लगाने के ज्योतिषीय फायदे

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तिलक लगाने के ज्योतिषीय लाभ की बात करें तो ज्योतिष में हमारी पहली राशि यानि मेष राशि का स्वभाव हमारे सिर या माथे से ही होकर शुरु होता है। अतः इस राशि का स्वामी ग्रह मंगल को माना जाता है। मंगल ग्रह का भी हमारे जीवन में विशेष महत्व होता है यह हमारे शरीर में ऊर्जा, शक्ति, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में माथे पर तिलक लगाने से हमारे शरीर में एक विशेष प्रकार की ऊर्जा जागृत होती है जिसका सीधा असर हमारे पूरे शरीर पर देखा जाता है।

इसके अलावा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ जगहों पर माथे के बीचों-बीच वाले स्थान को भगवान विष्णु का स्थान भी माना जाता है इसलिए यह स्थान भी हिन्दू धर्म में अत्यन्त ही पूज्यनीय होता है। ऐसे में माथे पर तिलक लगाने के भी हमें कई लाभ मिलते हैं। तिलक लगाने से जातक के आने वाले क्रोध पर नियंत्रण पाया जा सकता है। जीवन में हमेशा शांति बनी रहती है साथ ही शरीर स्वस्थ रहने के साथ-साथ जातक का मन भी पूरी तरह से स्थिर रहता है।

तिलक लगाने से नकारात्मकता होती है दूर

तिलक लगाना कई मायनों मे बहुत ज्यादा शुभ होता हैं। इसे लगाने से हमारे जीवन में यश की प्राप्ति होती है साथ ही जातक के किये गये पापों का भी नाश होता है। यह तिलक व्यक्ति के जीवन में आई हुई नकारात्मक ऊर्जाओं को पूरी तरह से दूर करने में हमारी मदद करता है। इसके अलावा माथे पर तिलक लगाने से हमारे मन में बहुत से अच्छे विचार आते हैं साथ ही नकारात्मकता को दूर कर यह किसी भी काम को करने की क्षमता में वृद्धि करता है।

दिन के अनुसार लगाये जाने वाले तिलक के नियम
सोमवार के दिन माथे पर तिलक लगाना

दिन के अनुसार लगाये जाने वाले माथे पर तिलक में सोमवार का दिन भगवान शिव शंकर के नाम पर समर्पित होता है तथा सोमवार का स्वामी ग्रह चंद्रमा को माना जाता है। वास्तव में चन्द्रमा को व्यक्ति के मन का कारक ग्रह माना गया है। ऐसे में हमारे मन को काबू में रखने और हमारे मस्तिष्क को पूरी तरह से शीतल और शांत बनाये रखने के लिए सोमवार के दिन माथे पर सफेद चंदन का तिलक अवश्य लगाना चाहिए इसके अलावा किसी शुभ कार्यों या सामान्य दिनों में विभूति या भस्म का तिलक लगाना चाहिए।

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मंगलवार के दिन माथे पर तिलक लगाना

बात करें यदि मंगलवार कि तो इस दिन को हनुमान जी का दिन माना गया है साथ ही मंगलवार का स्वामी ग्रह मंगल को माना गया है। आपको बता दें मंगल ग्रह का रंग लाल होने के कारण ही यह लाल रंग का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में मंगलवार के दिन लाल चंदन या चमेली के तेल में पूरी तरह से घुला हुआ सिंदूर का तिलक अपने माथे पर लगाने से जातक के शरीर में ऊर्जा तथा कार्यक्षमता में विकास होता है साथ ही इस दिन किये गये माथे पर तिलक से व्यक्ति के जीवन में लम्बे समय से आयी हुई उदासी और निराशा पूरी तरह से हट जाती है साथ ही उनका पूरा दिन शुभता में व्यतीत होता है।

बुधवार के दिन माथे पर तिलक लगाना

बुधवार के दिन लगाये जाने वाले तिलक कि बात करें तो बुधवार का दिन माँ दुर्गा और भगवान गणेश जी को समर्पित होता है। इस दिन के स्वामी ग्रह के रुप में बुध ग्रह को माना जाता है। ऐसे में बुधवार के दिन सूखे सिंदूर का तिलक लगाना बहुत ज्यादा शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धा से किये गये तिलक से जातक की बौद्धिक क्षमता में तेजी से वृद्धि होती है साथ ही व्यक्ति का पूरा दिन अत्यधिक शुभता के साथ व्यतीत होता है तथा उनके जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

गुरुवार के दिन माथे पर तिलक लगाना

बात करते हैं गुरुवार के दिन तिलक लगाने कि तो गुरुवार यानि बृहस्पतिवार के दिन के स्वामी ग्रह के रुप में बृहस्पति ग्रह को माना जाता है। विशेष रुप से इस दिन के खास देवता ब्रह्मा जी को माना जाता है। आपको बता दें गुरु ग्रह को पीला या फिर सफेद मिश्रित पीला रंग बहुत ज्यादा प्रिय होता है इसलिए गुरुवार के दिन सफेद चंदन की लकड़ी को पत्थर पर घिसकर उसमें केसर मिलाकर उसका लेप पूरा माथे पर अच्छी तरह से लगाकर तिलक करना चाहिए, इसके अलावा हल्दी या गोरोचन का तिलक भी आप अपने माथे पर अवश्य लगा सकते हैं। इन सभी चीजों का गुरुवार के दिन तिलक लगाने से मन में पवित्र और सकारात्मक विचार आने लगते हैं साथ ही मन में अच्छे विचार और भावों का उद्भव भी होता है जिससे व्यक्ति का पूरा दिन शुभ रहता है साथ ही जीवन में होने वाली आर्थिक परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है।

शुक्रवार के दिन माथे पर तिलक लगाना

शुक्रवार के दिन यदि तिलक लगाने कि बात करें तो शुक्रवार का यह दिन भगवान विष्णु जी की पत्नी लक्ष्मी जी को समर्पित होता है। इस दिन का स्वामी ग्रह शुक्र को माना जाता है। इसके अलावा शुक्र ग्रह को दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य के रुप में भी जाना जाता है। अतः इस दिन के शुभ अवसर पर लाल चंदन का तिलक लगाने से जातक के मन में आए हुए तनाव पूरी तरह से दूर हो जाते हैं साथ ही जातक के सुख-सुविधाओं में भी तेजी से वृद्धि होती हैं। शुक्रवार के दिन कभी-कभी लाल सिंदूर का तिलक लगाना भी शुभ माना जाता है।

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शनिवार के दिन माथे पर तिलक लगाना

बात करें यदि हम शनिवार के दिन लगाये जाने वाले तिलक कि तो शनिवार के दिन को भैरव शनि भगवान और यमराज का दिन माना जाता है। इस दिन के स्वामी ग्रह शनि ग्रह माने जाते हैं। ऐसे में शनिवार के दिन हुए शुभ कार्यों में जातक को विभूति, भस्म या लाल चंदन का तिलक अवश्य लगाना चाहिए। ऐसा करने से भैरव महाराज के साथ-साथ शनि ग्रह भी अत्यधिक प्रसन्न होते हैं। इस दिन लगाये गये लाल चंदन के तिलक से जातक को उनके जीवन में किसी प्रकार की हानि नही होती है साथ ही उस व्यक्ति का पूरा दिन अत्यधिक शुभ रहता है।

रविवार के दिन माथे पर तिलक लगाना

रविवार के दिन लगाये जाने वाले तिलक कि बात करें तो रविवार का दिन भगवान श्री विष्णु और सूर्यदेव को समर्पित होता है। इस दिन के स्वामी ग्रह सूर्यदेव को माना जाता है जो ग्रहों के राजा भी माने जाते हैं अतः इस दिन हुए किसी शुभ कार्यों में जातक को लाल या हरा चंदन लगाना अत्यधिक शुभ माना जाता है। इस तिलक को रविवार के दिन लगाने से जातक को भगवान विष्णु और सूर्यदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है साथ ही मान-सम्मान बढ़ने के साथ-साथ जातक के जीवन से भय हमेशा के लिए दूर हो जाता है।

तिलक लगाने के वैज्ञानिक महत्व

तिलक लगाने के वैज्ञानिक महत्व की बात करें तो वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी माथे पर तिलक लगाने का विशेष महत्व होता है। वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार माथे पर तिलक लगाने से व्यक्ति के मस्तिष्क को एक अलग प्रकार की ठंडक मिलती है जिससे कि व्यक्ति के होने वाले किसी महत्वपूर्ण कार्यों में उन्हें ध्यान केन्द्रित करने में आसानी होती है। इसके अलावा माथे पर तिलक लगाने से व्यक्ति के आत्मविश्वास में भी बढ़ोत्तरी होती है जिससे उन्हें अपने भविष्य के लिए कोई भी फैसले लेने में मजबूती मिलती है। वहीं यदि कोई जातक अपने मस्तक पर चंदन का तिलक लगाता है तो ऐसे में जातक के मन और मस्तिष्क को एक अलग प्रकार की शीतलता प्राप्त होती है।