शुक्र का धनु राशि में परिवर्तन

इस लेख के माध्यम से हम आपको 2024 में होने वाले शुक्र के गोचर के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। शुक्र वर्ष में कई बार राशि परिवर्तन करते हैं जिसका सभी 12 राशियों पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। 18 जनवरी 2024 को रात 08ः56 मिनट पर शुक्र देव धनु राशि में प्रवेश कर जायेंगे। आइये जानते हैं योग्य ज्योतिषाचार्य के. एम. सिन्हा जी के द्वारा की सुख-समृद्धि के कारक ग्रह शुक्र का प्रभाव किस राशि के जातकों पर शुभ व किस राशि के जातकों पर अशुभ पड़ेगा।

ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में शुक्र देव को एक नैसर्गिक शुभ ग्रह माना जाता है तथा इसे स्त्री तत्व प्रधान ग्रह कहा जाता है। शुक्र ग्रह वृषभ और तुला राशि के स्वामी ग्रह हैं । यह मीन राशि में उच्च अवस्था में तथा कन्या राशि में नीच अवस्था में होते हैं। सामान्यतः शुक्र विवाह, प्रेम और सभी भौतिक सुख-सुविधाओं के कारक ग्रह होते हैं इसलिए किसी भी कुण्डली में शुक्र का शुभ स्थिति में होना और मजबूत होना अति आवश्यक है। जीवन में विलासिता, ऐश्वर्य, वाहन इत्यादि का सुख भी शुक्र ग्रह की कृपा से प्राप्त होता है। शुक्र ग्रह को दैत्यों के गुरू शुक्राचार्य की संज्ञा भी दी गई है।

शुक्र के राशि परिवर्तन का प्रत्येक लग्न पर प्रभाव

मेष लग्न

मेष लग्न की कुण्डली में शुक्र द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी हैं। शुक्र का धनु राशि में गोचर आपकी कुण्डली के नवम भाव में होगा जिसके कारण मेष राशि के जातकों को अनुकूल परिणाम मिलेंगे। निजी सम्बन्धों के लिए यह गोचर अति उत्तम है। इस दौरान प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। शादी-शुदा जातकों का वैवाहिक जीवन भी अच्छा रहेगा तथा वे एक दूसरे को प्रेम के दृष्टिकोण से और बेहतर ढ़ग से समझनेे में कामयाब होंगे। इस राशि के जातकों को विदेश जाने का अवसर प्राप्त हो सकता है। नौकरी कर रहे जातकों के लिए यह गोचर शुभ रहेगा तथा गुरू शुक्र की स्थिति के कारण आपको नौकरी आदि में पदोन्नति भी मिल सकता है। धन लाभ प्राप्ति के लिए भी यह गोचर उत्तम है।

उपायः- शुक्रवार के दिन सफेद रंग की वस्तुओं का दान करें।

वृष लग्न

वृषभ लग्न की कुण्डली में शुक्र प्रथम और षष्ठम भाव के स्वामी हैं । शुक्र का यह गोचर 18 जनवरी को आपकी कुण्डली के अष्टम भाव में होने जा रहा है। ऐसे में आपकी आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। धन लाभ प्राप्ति के अनेक स्त्रोत मिलेंगे हालांकि वस्त्र, घड़ी, इत्र तथा आभूषण आदि पर धन खर्च की संभावना है। जो जातक नौकरी की तलाश मे हैं इस गोचर के दौरान उन्हें नौकरी मिलने के योग बनेंगे। पहले से नौकरी कर रहे जातकों को नौकरी में पदोन्नति हो सकता है। प्रेम संबंधों के लिए भी यह गोचर अनुकूल है। लव-पार्टनर आपके कार्यों में सहयोग करेंगे, उनके साथ ट्रिप पर जाने की योजना बनेगी। इस गोचर के दौरान स्वास्थ्य सम्बन्धित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है इसलिए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान दें। इस अवधि में कोर्ट-कचहरी तथा वाद-विवाद के मामलों में आपको सफलता भी मिलेगी।

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उपायः- प्रत्येक शुक्रवार को लक्ष्मी नारायण मंदिर में खीर का दान करें।

मिथुन लग्न

मिथुन लग्न के जातकों के लिए शुक्र पंचम और द्वादश भाव के स्वामी हैं। शुक्र का धनु राशि में गोचर आपकी कुण्डली के सप्तम भाव में होगा जिसके फलस्वरूप खर्च में अधिकता रहेगी जिसका पछतावा आपको बाद में होगा। नये कार्यों को सीखने के लिए यह गोचर अनुकूल है। विदेश से जुड़े जातकों को धन लाभ की प्राप्ति होगी। एलर्जी या त्वचा सम्बन्धित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है इसलिए स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें। जो जातक प्रेम-संबंध में हैं उनके प्रेम विवाह होने के योग बन रहे हैं। इस गोचर के दौरान आपकी लम्बी यात्रा के योग भी बनेंगे।

उपायः- प्रतिदिन माता लक्ष्मी जी की पूजा-आराधना करें।

कर्क लग्न

कर्क लग्न की कुण्डली में शुक्र चतुर्थ और एकादश भाव के स्वामी हैं तथा शुक्र का यह गोचर आपके कुण्डली के षष्ठम भाव में होगा जिसके फलस्वरूप आपके सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। आपके निजी रिश्तों में सुधार होगा एवं परिवार वालों के साथ समय व्यतीत करने का अवसर प्राप्त होगा। कभी-कभी इस गोचर के दौरान वैवाहिक जीवन में वाद-विवाद का सामना करना पड़ सकता है तथा जीवनसाथी के साथ आपके संबंध खराब हो सकते हैं हालांकि इस गोचर में स्वास्थ्य सम्बन्धित परेशानियाँ दूर हो जायेंगी। इस गोचर के फलस्वरूप आपको आर्थिक और सामाजिक रूप से अत्यधिक लाभ होगा तथा जीवन में अग्रसर होने के लिए नये मार्ग मिलेंगे।

उपायः- प्रत्येक दिन शुक्र के बीज मंत्र ओम द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः का जाप करें।

सिंह लग्न

सिंह लग्न की कुण्डली में शुक्र तृतीय और दशम भाव के स्वामी हैं। शुक्र का होने वाला गोचर आपकी कुण्डली के पंचम भाव में होगा। शुक्र के इस गोचर के दौरान आपकी वाणी में मिठास बढ़ेगी तथा आप अपने रहन-सहन और पहनावे के तौर तरीके में बदलाव लायेंगे। नये वस्त्र, आभूषण पर खर्च की अधिकता रहेगी। इस गोचर के दौरान आपका मन किसी के प्रति आकर्षित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सावधानी की आवश्यकता है परन्तु कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। इस दौरान आपको किसी भी प्रकार के राजनीति से दूर रहना चाहिए। मित्रों और रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा। इस गोचर के दौरान रचनात्मक क्षेत्र, जैसे मीडिया, डिजाइनिंग, संगीत, सजावट, कला, अभिनय, आर्किटेक्चर आदि से जुड़े जातकों को विशेष लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए नित्य व्यायाम आदि करना चाहिए।

उपायः- अपने घर के आस-पास सफेद पुष्प वाले पौधे का रोपण करें।

कन्या लग्न

कन्या लग्न की कुण्डली में शुक्र द्वितीय तथा नवम भाव के स्वामी हैं। इस गोचर के दौरान शुक्र आपकी कुण्डली के चतुर्थ भाव में उपस्थित रहेंगे। ऐसे में आपको सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। धन आगमन के स्त्रोत में वृद्धि होगी। धर्म के क्षेत्र में भी आपका झुकाव बढ़ेगा। प्रेम विवाह के योग बन रहे हैं। जो जातक पहले से प्रेम-संबंध में हैं उनके रिश्तों में प्रगाढ़ता आयेगी। कानूनी मामलों में पड़ने से बचें अन्यथा परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस गोचर के दौरान अनैतिक कार्यों के कारण मानहानि की संभावना भी बनी हुई है ,इस अवधि में आपके परिवारजनों को भी कुछ कष्ट का सामना करना पड़ सकता है।

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उपायः- प्रतिदिन गाय को रोटी खिलायें।

तुला लग्न

तुला लग्न की कुण्डली में शुक्र लग्नेश होने के साथ-साथ अष्टम भाव के स्वामी हैं । शुक्र का यह गोचर आपके कुण्डली के तृतीय भाव में होगा जिसके फलस्वरूप आपके आत्म विश्वास में वृद्धि होगी तथा ज्योतिष और अनुसंधान के क्षेत्र में आपकी रूचि भी बढ़ेगी। इस गोचर के दौरान आपको पैतृक सम्पत्ति प्राप्त होने के योग बन रहे हैं साथ ही इस दौरान अचानक धन लाभ होने के योग भी बनेंगे। प्रेम जीवन व्यतीत कर रहे जातकों के लिए यह गोचर सामान्य रहेगा परन्तु शादी-शुदा जातकों को इस दौरान सुख की प्राप्ति होगी। जिन जातकों का विवाह नही हुआ है उन्हें विवाह के प्रस्ताव मिल सकते हैं। व्यापार कर रहे जातक अपने व्यापार में विस्तार करने की योजना बना सकते हैं।

उपायः- शुक्रवार के दिन कन्याओं को सफेद मिठाई और खीर आदि खिलायें तथा उन्हें सफेद वस्तुएँ भेंट स्वरूप दें।

वृश्चिक लग्न

वृश्चिक लग्न की कुण्डली में शुक्र सप्तम और द्वादश भाव के स्वामी हैं। शुक्र का होने वाला गोचर आपके कुण्डली के द्वितीय भाव में होगा। इस अवधि में आपके प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी तथा जीवनसाथी का भी भरपूर सहयोग मिलेगा। व्यापार कर रहे जातकों के व्यवसायिक स्थिति में सुधार आयेगा। विदेश से धन लाभ के येाग बन रहे हैं। जो जातक नौकरी की तलाश मे हैं उन्हें विदेशी कम्पनी से नौकरी मिलने की संभावना है। आपके आत्मविश्वास तथा समाज में मान, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य सम्बन्धित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है इसलिए स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें तथा नियमित रूप से व्यायाम आदि करें।

उपायः- नियमित रूप से चांदी के गिलास में जल पीयें।

धनु लग्न

धनु लग्न की कुण्डली में शुक्र षष्ठम और एकादश भाव के स्वामी हैं। शुक्र का यह गोचर आपकी कुण्डली के लग्न भाव में होगा। इस गोचर के प्रभाव से आर्थिक लाभ होगा। नौकरी कर रहे जातकों के लिए भी यह गोचर उत्तम रहेगा तथा जो जातक नौकरी की तलाश में हैं उन्हें नौकरी आदि मिलने की संभावना भी होगी। इस दौरान मित्रों का सहयोग मिलेगा परन्तु विरोधियों से स्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों के लिए यदि आप अत्यधिक प्रयास करते हैं तो उसमें सफलता मिल सकती है। इस गोचर के दौरान आपके प्रेम-संबंध में प्रगाढ़ता आयेगी। कार्यस्थल पर वरिष्ठों का सहयोग भी मिलेगा। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से नियमित जाँच कराते रहें।

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उपायः- जल में इलायची डालकर उस जल से नियमित स्नान करें।

मकर लग्न

मकर लग्न की कुण्डली में शुक्र पंचम और दशम भाव के स्वामी हैं । शुक्र का होने वाला यह गोचर आपके कुण्डली के द्वादश भाव में होगा जिसके फलस्वरूप प्रेम-संबंधों में वृद्धि होगी। जो जातक सिंगल हैं उनके जीवन में प्रेम का आगमन हो सकता है । इस गोचर के दौरान प्रेम विवाह का योग भी बन रहा है। इस अवधि में जीवनसाथी तथा संतान से सुख की प्राप्ति होगी। व्यापार कर रहे जातकों के लिए यह गोचर उत्तम रहेगा। इस गोचर के दौरान मानसिक और शारीरिक सुख की प्राप्ति होगी। आर्थिक स्थिति उत्तम रहेगा तथा कार्यस्थल पर वरिष्ठों का सहयोग प्राप्त होगा।

उपायः- सफेद गाय को हरी घास खिलायें तथा उसकी सेवा करें।

कुंभ लग्न

कुंभ लग्न की कुण्डली में शुक्र चतुर्थ और नवम भाव के स्वामी हैं। शुक्र का होने वाला गोचर आपके कुण्डली के एकादश भाव में होगा जिसके प्रभाव से सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी एवं रूके हुए कार्य पूर्ण होंगे। आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा साथ ही आपके पारिवारिक जीवन में सामंजस्य बना रहेगा। समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। लम्बी यात्राओं का योग बनेगा तथा यात्राएँ लाभप्रद सिद्ध होंगी। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगा, व्यापार के दृष्टिकोण से यह गोचर उत्तम है। इस दौरान नौकरी कर रहे जातकों के नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है साथ ही नौकरी के दृष्टिकोण से जातकों का स्थानान्तरण भी हो सकता है। प्रेम संबंध में मधुरता बनी रहेगी। दाम्पत्य जीवन में जीवनसाथी के साथ कहीं बाहर घूमने जाने की योजना बन सकती है। इस गोचर के दौरान लड़ाई-झगड़ों से दूर रहें और दिमाग को शांत रखें।

उपायः- प्रत्येक शुक्रवार को व्रत रखें।

मीन लग्न

मीन लग्न की कुण्डली में शुक्र तृतीय और अष्टम भाव के स्वामी हैं। शुक्र का यह गोचर आपकी कुण्डली के दशम भाव में होगा जिसके फलस्वरूप कार्य-व्यवसाय में प्रगति होगी। कलात्मक तथा रचनात्मक क्षेत्र के प्रति आपका झुकाव बढ़ेगा। पैतृक सम्पत्ति से लाभ प्राप्ति के योग हैं। शादी-शुदा जातक के निजी सम्बन्धों में मधुरता रहेगी तथा आपसी तनाव दूर होगा। इस गोचर के दौरान आप अपने प्रेम-संबंध को आगे बढ़ाने में सफल होंगे। आपको स्वास्थ्य से सम्बन्धित परेशानियाँ उत्पन्न हो सकती है इसलिए तला-भूना, बासी भोजन के सेवन से बचें।

उपायः- शुक्रवार के दिन चीटियों को आटा खिलायें।