शुभ ग्रहों की स्थिति में किये गये गलत दान आपके लिए हो सकते हैं कष्टदायक

शास्त्रों के अनुसार दान-दक्षिणा करने का अत्यधिक महत्व होता है एवं किये गये दान दक्षिणा से जातक को सुख-समृद्धि तथा मानसिक-शांति का लाभ मिलता है परन्तु क्या आपको यह बात पता है कि कभी-कभी किया गया दान-दक्षिणा भी आपको बहुत बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। आपको बता दें कि जब कभी आपकी कुण्डली में कोई ग्रह अपनी शुभ या मजबूत स्थिति में हो तो उस ग्रह से सम्बन्धित कभी भी किसी वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए। मजबूत तथा शुभ ग्रहों से सम्बन्धित वस्तुओं का दान-दक्षिणा करने से कुण्डली में स्थित मजबूत ग्रहों की स्थिति कमजोर हो जाती है साथ ही उससे सम्बन्धित शुभ फलों में भी कमी आ जाती है। तो आइए यह विस्तार से जानने का प्रयास करते हैं कि शुभ और मजबूत ग्रहों की स्थिति में हमें क्या दान-दक्षिणा नही करना चाहिए।

सूर्य के शुभ होने की स्थिति में क्या न करें दान

यदि किसी जातक की जन्मकुण्डली में सूर्य सिंह या वृश्चिक राशि में उपस्थित हो तो सूर्य के इस राशि में शुभ होने की स्थिति में सूर्य से सम्बन्धित वस्तुएं जैसे गुण, गेहूँ तथा तांबे की वस्तुओं का दान कभी नही करना चाहिए। सूर्य से सम्बन्धित चीजों का दान करने से जातक की कुण्डली में स्थित सूर्य कमजोर और मंद हो जाता है जिसके कारण सूर्य से प्राप्त होने वाले शुभ फलों में बहुत अधिक कमी आ जाती है।

इन परिस्थितियों में दान दक्षिणा करने से जातक के कार्यस्थल पर बड़े-बड़े अधिकारियों से मतभेद होता है। यदि कोई सरकारी कार्य होने वाले रहते हैं तो उसमें हमेशा बाधा आती है। इस समय किये गये दान से जातक को अपने पिता तथा पैतृक सम्पत्ति का सुख प्राप्त नही हो पाता है इसके अलावा सूर्यदेव जिन जातक की कुण्डली के सातवें तथा आठवें भाव में विराजमान हो तो उन जातकों को सुबह और शाम के समय दान-दक्षिणा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से उन जातकों को अपने जीवन में धन हानि का सामना करना पड़ता है साथ ही ऐसे जातक जीवन भर अपनी आर्थिक समस्याओं से परेशान रहते हैं।

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चन्द्रमा के शुभ होने की स्थिति में क्या न करें दान

यदि किसी जातक की जन्म कुण्डली में चन्द्रमा द्वितीय या फिर चतुर्थ भाव में बैठा हो तो उस जातक को माता का सुख मिलता है तथा जातक के सुख-सुविधाओं में निरन्तर वृद्धि होती है साथ ही ऐसे जातक को शारीरिक तथा मानसिक रूप से सुख शांति की प्राप्ति होती है।

 इसके अलावा इन परिस्थितियों में जो जातक चन्द्रमा से सम्बन्धित वस्तुएं जैसे मोती, दूध, चावल तथा चीनी का दान करते हैं। उनकी बुद्धि अत्यधिक मंद हो जाती है साथ ही चंद्रमा से संबंधित शुभ फलों में कमी आने लगती है। जिन जातकों की जन्म कुण्डली में चन्द्रमा छठे भाव में हो उन जातकों को अपने घर में हैंडपंप नहीं लगाना चाहिए।

मंगल के शुभ होने की स्थिति में क्या न करें दान

यदि किसी जातक की कुण्डली में मंगल ग्रह शुभ स्थिति में हो तो ऐसे में इन जातकों को मिठाई कभी भी दान नही करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार मंगल की शुभ स्थिति में मिठाई दान करना वर्जित माना जाता है। आपको बता दें कि मंगल के शुभ स्थिति में मसूर की दाल, बेसन के लड्डू तथा किसी भी प्रकार के वस्त्रों का दान-दक्षिणा कभी भी नही करना चाहिए।

बुध के शुभ होने की स्थिति में क्या न करें दान

जातक की कुण्डली में बुध को बुआ, मौसी, बहन, व्यवसाय तथा बुद्धि का कारक कहा जाता है। यदि कुण्डली में बुध मजबूत स्थिति में हो तो जातक को बुध से संबंधित वस्तुओं जैसे मूंग की दाल, कलम, हरा वस्त्र, तथा घड़े का दान बिल्कुल नही करना चाहिए। इन सभी चीजों का दान करने से जातक की बुद्धि भ्रमित हो जाती है इसके अलावा रिश्तेदारों को हमेशा कष्ट होता रहता है इसलिए बुध की शुभ स्थिति में कभी दान नहीं करना चाहिए।

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बृहस्पति के शुभ होने की स्थिति में क्या न करें दान

यदि किसी जातक की कुण्डली में गुरु ग्रह शुभ स्थिति में हो तथा कुण्डली में गुरु ग्रह सातवें घर में बैठा हो तो ऐसी स्थिति में जातक को कभी भी नये वस्त्रों का दान नहीं करना चाहिए। जो जातक इन परिस्थितियों में दान-दक्षिणा करता है उसे खुद ही वस्त्रों की कमी हो जाती है। इसके अलावा गुरु ग्रह जातक की कुण्डली में यदि प्रथम, चतुर्थ, सप्तम तथा नवम भाव में शुभ स्थिति से बैठा हो तो ऐसे में जातक को गुरु ग्रह से सम्बन्धित वस्तुएं जैसे हल्दी, सोना, केसर इत्यादि पीली वस्तुओं का दान कभी नहीं करना चाहिए। यदि कोई जातक ऐसा करता है तो उसको आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

शुक्र के शुभ होने की स्थिति में क्या न करें दान

जैसा की आपको यह बात पता है कि शुक्र ग्रह को भौतिक सुख-सुविधायें प्रदान करने वाला ग्रह कहा जाता है। ऐसे में जिन जातकों की कुण्डली में शुक्र दूसरे तथा सप्तम भाव में हो, इसके अलावा शुक्र वृषभ तथा तुला राशि में बैठा हो तो उन्हें रेडीमेड वस्त्रों का दान कभी नही करना चाहिए साथ ही श्रृंगार की वस्तुओं का दान भी कभी नही करना चाहिए अन्यथा आपको अपने जीवन में अत्यधिक कष्ट उठाना पड़ सकता है।

शनि के शुभ होने की स्थिति में क्या न करें दान

यदि किसी जातक की जन्म कुण्डली में शनि ग्रह अशुभ स्थिति में हों तो शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए जातक को तिल, तेल, लोहा तथा काले वस्त्रों का दान करना चाहिए। इसके अलावा यदि जातक की कुण्डली में शनि तुला, मकर या कुंभ राशि में हो तो ऐसे व्यक्तियों को बताये गये वस्तुओं का दान कभी नही करना चाहिए इससे शनिदेव मंद अवस्था में हो जाते हैं तथा शनि ग्रह के शुभ फलों में भी अत्यधिक कमी आ जाती है जिसके कारण जातक को शनि से लाभ मिलने के अलावा उन्हें सभी क्षेत्र में नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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