साल का पहला सूर्य ग्रहण जाने सूतक काल का समय और भारत पर इसका पड़ने वाला प्रभाव

इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल को लगने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साल का पहला सूर्य ग्रहण मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में लगने की संभावना है। पंचाग के अनुसार सूर्य ग्रहण का सूतक काल प्रातः 07 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा।

चन्द्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण लगने की कथा

साल का पहला सूर्य ग्रहण जाने सूतक काल का समय और भारत पर कितना पड़ेगा प्रभाव चन्द्रमा और सूर्य को ग्रहण लगने के पीछे एक धार्मिक कथा के अनुसार समुन्द्र मंथन के दौरान निकले अमृत कलश से देवताओं मे अमृत मंथन बाटने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी का रुप धारण किया जिस समय मोहिनी रुप भगवान विष्णु ने देवताओं को अमृत बाटना शुरु किया तब एक असुर देवताओं का रुप धारण कर देवताओं की पंक्ति में आकर सूर्य और चन्द्रमा के बीच आकर बैठ गया। जैसे ही मोहिनी इस राक्षस को अमृत पिलाती है। सूर्य और चन्द्रमा असुर को पहचान लेते है और मोहिनी को अमृत पिलाने से रोकते है लेकिन तब यह असुर अमृत पान कर चुका होता है और अमृत गले तक पहुंच चुका होता है। भगवान विष्णु अपने सुदर्शन चक्र से इस राक्षस की गर्दत काट देते है। अमृत पीने के कारण गला काटने के बाद भी यह असुर मरना ही सिर और धड़ अलग होने पर भी यह जीवित रहता है। इसी के सिर को राहु और धड़ को केतू कहते है की सूर्य और चन्द्रमा के कारण ही भगवान विष्णु ने इस राक्षस का सिर धड़ से अलग कर दिया था इस कारण जब-जब मौका मिलता राहु और केतू के रुप में यह राक्षस सूर्य और चन्द्रमा को ग्रहण लगा देता है। पृथ्वी अपनी दूरी पर घूमते हुए सूर्य का चक्कर लगाती है और चन्द्रमा पृथ्वी के चारो ओर घूमता है। ब्रह्माण्ड के ये तीनो ग्रह आपस में घूमते हुए एक सीध में आ जाते है तो सूर्य या चन्द्र ग्रहण लगता है। ऐसा वैज्ञानिकों का मानना है।

READ ALSO   कब लग रहा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण
2023 में चन्द्र ग्रहण

नये वर्ष में पहला चन्द्र ग्रहण उपच्छाया होगा जो 5 मई 2023 को लगेगा और इसके बाद दूसरा चन्द्र ग्रहण 28 अक्टूबर 2023 को लगेगा तथा ये दोनो चन्द्र ग्रहण भारत में भी दिखेंगे।

केतू से बचने के करे उपाय

साल के पहले दिन ही रविवार होने से सुबह समय से पहले उठकर उगते हुए लाल सूर्य देव को अघ्र्य दें और सूर्याष्टक का पाठ करें धन की प्राप्ति होगी। कनकधारा, स्त्रोत का पाठ करें माता लक्ष्मी प्रसन्न होंगी श्री सूक्त का भी पाठ करें तथा सबसे महत्वूपर्ण प्रातः काल उठकर धरती माता को चरण स्पर्श अवश्य करें। इससे आपको सफलता मिलेगी तथा केतू का प्रभाव कम होगा।

सूर्य ग्रहण 2023

इस वर्ष पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल 2023 गुरुवार को लगेगा 07 बजकर 04 मिनट से प्रारम्भ होगा और दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा।

यह ग्रहण भारत में नजर नही आयेगा जिसके कारण सूतक काल मान्य नही होगा और दूसरा ग्रहण 14 अक्टूबर 2023 शनिवार को लगेगा।

यह ग्रहण पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अटलांटिका और अर्टाकटिका में दिखाई देगा यह ग्रहण भारत में नजर नही आयेगा।

सूर्य ग्रहण में राहु से दोष के उपाय

☸गेहूं, गुड़ व तांबें का दान दें।
☸पति-पत्नी में से किसी एक को गुड़ से परहेज करना चाहिए।
☸छह नारियल अपने सिर पर से बार कर जल मे प्रवाहित करें।
☸मुफ्त की चीजे न लें।
☸मां का आशीर्वाद सदैव प्राप्त करें।
☸चावल और दूध का दान करें।
☸जौ को दूध या गौ मूत्र से धोकर बहते पानी में बहायें।

READ ALSO   18 जून - बन रहा है महालक्ष्मी योग  चमकेगी इन राशियों की किस्मत (बुध एवं शुक्र की युति)

One thought on “साल का पहला सूर्य ग्रहण जाने सूतक काल का समय और भारत पर इसका पड़ने वाला प्रभाव

Comments are closed.