सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य को आत्मा का कारक ग्रह माना गया है। आपको बता दें सूर्य देव प्रत्येक माह के अंतराल पर एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य द्वारा किये गये राशि परिवर्तन को ही संक्रांति कहा जाता है। 14 जनवरी को सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मध्यरात्रि 02ः43 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्यदेव मकर राशि में लगभग एक माह तक रहेंगे। सूर्य देव के मकर राशि में गोचर करने को ही मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है।

सूर्यदेव को दी गई है राजा ग्रह की संज्ञा

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को राजा ग्रह की संज्ञा दी गई है साथ ही सूर्य देव को देवता की उपाधि भी दी गई है। सूर्य देव को मान-सम्मान, उच्च पद और नेतृत्व क्षमता का कारक ग्रह माना जाता है। सूर्य देव को सिंह राशि का स्वामी ग्रह कहा जाता है। यह मेष राशि में उच्च के तथा तुला राशि में नीच के होते हैं। सूर्य देव के उच्च होने से करियर क्षेत्र में अच्छी सफलता, मान-सम्मान, लाभ और प्रशासनिक लाभ भी प्राप्त होता है। वहीं सूर्य के कमजोर होने से जातक को आँख से सम्बन्धित बीमारियाँ होती है साथ ही पित्त और हड्डियों से सम्बन्धित समस्या भी होती है।

मेष लग्न 

सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन 1

15 जनवरी को सूर्य का गोचर आपकी कुण्डली के दशम भाव में होने वाला है। सूर्यदेव आपकी कुण्डली के पंचम भाव के स्वामी हैं। सूर्य का गोचर आपके लिए शुभ फलदायी होगा। प्रशासन से सुख की प्राप्ति होगी। सरकारी सेवा के क्षेत्र में आवेदन के लिए सूर्य का गोचर अनुकूल है। ऐसे में किसी अवसर को हाथ से जाने न दें। प्रशासन के क्षेत्र में लम्बे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे। माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर इस गोचर में चिंतित रहेंगे। चुनाव से सम्बन्धित किसी प्रकार का निर्णय लेने के लिए सूर्य का यह गोचर उत्तम रहेगा। अपनी बनी बनाई योजनाओं को अपने तक ही सीमित रखें और जीवन में आगे बढ़ने का निरंतर प्रयास करें।

उपायः- मंगलवार के दिन बजरंग बाण का पाठ करें।

वृषभ लग्न

सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन 2

सूर्य का गोचर आपकी कुण्डली के नवम भाव में होने वाला है। सूर्यदेव आपकी कुण्डली के चतुर्थ भाव के स्वामी हैं। सूर्य के गोचर के दौरान आपके भाग्य में बाधा आयेगी। धर्म और आध्यात्मिक क्षेत्रों में इस गोचर के दौरान रूचि बढ़ेगी। विदेशी कंपनियों में नौकरी तथा नागरिकता प्राप्त करने के लिए किये गये सभी प्रयास सफल होंगे। सूर्य का यह गोचर आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि करेगा। किसी भी प्रकार का निर्णय लेने में सफल होंगे। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों और भाइयों से मतभेद करने से बचें। विवाह से सम्बन्धित बातचीत करने में थोड़ा विलम्ब हो सकता है।

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उपायः- माता लक्ष्मी को मीठी खीर का भोग लगायें।

मिथुन लग्न

सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन 3

सूर्य का गोचर आपकी कुण्डली के अष्टम भाव में होने वाला है। सूर्यदेव आपकी कुण्डली के तृतीय भाव के स्वामी हैं। सूर्य का यह गोचर आपके लिए अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य पर थोड़ा बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कार्य-व्यवसाय में किसी षड़यन्त्र का शिकार होने से बचें। इस गोचर के दौरान आपके अपने ही आपको नीचा दिखाने का प्रयास करेंगे। ऐसे में बहुत सावधान रहें। राजनीति तया व्यवसाय के क्षेत्र में इस गोचर के दौरान एक नयी ऊर्जा देखने को मिलेगी तथा कार्य-व्यवसाय में सफल परिणाम मिलेंगे।

उपायः- बुधवार के दिन हरे रंग का वस्त्र धारण करें तथा गणेश जी की आराधना करें।

कर्क लग्न

सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन 4

सूर्य का गोचर आपकी कुण्डली के सप्तम भाव में होने वाला है। सूर्य देव आपकी कुण्डली में द्वितीय भाव के स्वामी हैं। सूर्य का यह गोचर आपके लिए अच्छा नही रहने वाला है। दाम्पत्य जीवन में थोड़ी बहुत कड़वाहट आ सकती है। विवाह से संबंधित किसी बात को लेकर थोड़ा विलम्ब हो सकता है। ससुराल पक्ष से संबंध अपना खराब न होने दें। कार्य-व्यवसाय के दृष्टिकोण से सूर्य का गोचर अनुकूल रहने वाला है। शासन में सत्ता पक्ष का पूर्ण सहयोग मिलेगा। अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और अपने किसी महत्वपूर्ण कार्य को सार्वजनिक करने से बचें।

उपायः- गुरुवार के दिन माथे पर केसर का तिलक लगायें।

सिंह लग्न

सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन 5

सूर्य का यह गोचर आपकी कुण्डली के षष्ठम भाव में होने वाला है। सूर्यदेव आपकी कुण्डली के प्रथम भाव के स्वामी हैं। सूर्य का गोचर आपके लिए किसी वरदान से कम नही होगा। मनचाहे परिणाम और सफलता प्राप्त करेंगे। वाद-विवाद से सम्बन्धित कोर्ट-कचहरी के मामले में फैसले आपके पक्ष में होंगे। गुप्त शत्रुओं का अंत होगा। सूर्य के इस गोचर के दौरान किसी को कर्ज देने से बचें अन्यथा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। ननिहाल पक्ष से आपको कोई अशुभ समाचार मिल सकता है।

उपायः- सूर्यदेव को जल अर्पित करें तथा ओम सूर्याय नमः का जाप करें।

कन्या लग्न

सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन 6

सूर्य का गोचर आपकी कुण्डली के पंचम भाव में होने वाला है। सूर्यदेव आपकी कुण्डली में द्वादश भाव के स्वामी हैं। इस गोचर के दौरान आपको कई अप्रत्याशित परिणाम प्राप्त होंगे। प्रतियोगी परीक्ष में भाग लेने वाले विद्यार्थी जातकों को अत्यधिक परिश्रम करना पड़ सकता है। विज्ञान प्रौद्योगिकी तथा शोध कार्यों में रुचि रखने वाले जातक सूर्य के इस गोचर में अपेक्षा से अधिक सफल होंगे। संतान से सम्बन्धित किसी प्रकार की चिंता से परेशान हो सकते हैं। प्रेम संबंधित मामलों में इस गोचर के दौरान निराशा रहेगी ऐसे में सूर्य के इस गोचर में अपने कार्य-व्यवसाय पर विशेष ध्यान दें।

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उपायः- प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम स्त्रोत का पाठ करें।

तुला लग्न

सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन 7

सूर्य का गोचर आपकी कुण्डली के चतुर्थ भाव में होने वाला है। सूर्यदेव आपकी कुण्डली में एकादश भाव के स्वामी हैं। परिवार में कलह तथा सूर्य के गोचर के दौरान मानसिक अशांति हो सकती है। मित्रों या रिश्तेदारों से कोई अशुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। सूर्य के इस गोचर के दौरान सावधानी से यात्रा करें अन्यथा चोरी होने की संभावना हो सकती है। माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति अत्यधिक चिंतित हो सकते हैं। केन्द्र और राज्य सरकार के विभागों में लम्बे समय से चल रहे कार्यों में थोड़ा और विलम्ब हो सकता है। धैर्य से काम लें इस गोचर के दौरान आपको पूर्ण सफलता प्राप्त होगी।

उपायः- शुक्रवार के दिन दही, खीर और चावल का दान करें।

वृश्चिक लग्न

सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन 8

सूर्य का गोचर आपकी कुण्डली के तृतीय भाव में होने वाला है। सूर्यदेव आपकी कुण्डली में दशम भाव के स्वामी हैं। सूर्य का यह गोचर आपके लिए अत्यधिक लाभदायक हो सकता है। आपको मनचाही सफलता मिलेगी। इस गोचर के दौरान आपके साहस में वृद्धि होगी तथा धर्म और आध्यात्मिक क्षेत्रों में रुचि बढ़ेगी। विदेशी कंपनियों में सेवा तथा नागरिकता के लिए किये गये प्रयास सफल होंगे। सूर्य के इस गोचर में अपने क्रोध पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करने की आवश्यकता है। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाई-बहनों में मतभेद पैदा न होने दें। सूर्य के गोचर के दौरान जमीन जायदाद से संबंधित मामले सुलझते हुए दिखाई देंगे।

उपायः- हनुमान चालीसा का पाठ करें।

धनु लग्न

सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन 9

सूर्य का गोचर आपकी कुण्डली के द्वितीय भाव में होने वाला है। सूर्य देव आपकी कुण्डली के नवम भाव के स्वामी हैं। सूर्य के गोचर के दौरान आपको कई अप्रत्याशित परिणाम प्राप्त होंगे। इस समय आप अपनी वाणी से कोई अप्रिय बात न करें तथा अपनी योजनाओं एवं रणनीतियों को पूर्णतया गोपनीय रखकर किसी कार्य में लग जाएं। सूर्य के इस गोचर में आँखों से सम्बन्धित समस्या हो सकती है इसलिए सावधान रहें। परिवार में अलगाव की स्थिति उत्पन्न न होने दें। सूर्य के इस गोचर के दौरान आपके जमीन जायदाद से जुड़े मामले भी जल्द ही सुलझ जायेंगे।

उपायः- पीले चंदन की माला से भगवान विष्णु जी के मंत्रों का जाप करें।

मकर लग्न

सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन 10

सूर्य का गोचर आपकी कुण्डली के प्रथम भाव में होने वाला है। सूर्य देव आपकी कुण्डली के अष्टम भाव के स्वामी हैं। सूर्य का यह गोचर आपके लिए अच्छा रहेगा। कार्य-व्यवसाय के क्षेत्र में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। मान-सम्मान में आकस्मिक वृद्धि होगी। इस गोचर के दौरान प्रभावशाली लोगों से मुलाकात होगी साथ ही आपको कार्य क्षेत्र में जल्द ही सफलता मिलेगी। सूर्य के इस गोचर में आपको नई नौकरी के अवसर प्राप्त होंगे। आय में वृद्धि होगी तथा परिवार में किसी प्रकार का धार्मिक आयोजन हो सकता है। राजनीति क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सूर्य के गोचर में किस्मत आजमाना बेहतरीन होगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों को आपस में सुलझा लेना ही अच्छा होगा।

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उपायः- शनिवार के दिन मिट्टी या लोहे के पात्र में सरसों का तेल भरकर उसमें अपना मुख देखें और तेल भरे पात्र का दान करें।

कुंभ लग्न

सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन 11

सूर्य का गोचर आपकी कुण्डली के द्वादश भाव में होने वाला है। सूर्यदेव आपकी कुण्डली में सप्तम भाव के स्वामी हैं। सूर्य का यह गोचर आपके लिए बहुत अच्छा नही रहने वाला है। व्यर्थ के भाग-दौड़ तथा खर्च हो सकते हैं। दूर रिश्तेदारों से अप्रिय समाचार मिलने की संभावना है। आपको नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे जातक इस गोचर के दौरान सफल होते दिखाई देंगे। वाद-विवाद के मामले आपस में सुलझ जायेंगे। सूर्य के इस गोचर के दौरान किसी को धन उधार के रूप में न दें अन्यथा आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है।

उपायः- शाम के समय घर के प्रथम चौखट पर दीपक जलाएं।

मीन लग्न

सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन 12

सूर्य का गोचर आपकी कुण्डली के एकादश भाव में होने वाला है। सूर्यदेव आपकी कुण्डली के षष्ठम भाव के स्वामी हैं। सूर्य का यह गोचर आपके लिए सफलता लेकर आने वाला है। कार्य-व्यवसाय के क्षेत्र में प्रगति होगी। नौकरी में पदोन्नति होगी तथा नये अवसर प्राप्ति के योग बनेंगे। रोजगार के क्षेत्र में किये गये प्रयास सूर्य के गोचर के दौरान सफल होंगे। जातक अपनी कार्यकुशला के दम पर कठिन परिस्थितियों में भी आसानी से नियंत्रण पा लेंगे। सूर्य का यह गोचर वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाइयों के बीच मतभेद उत्पन्न करा सकता है। विद्यार्थी जातक परीक्षा में अच्छे अंक लाने के प्रयास में सूर्य के इस गोचर में सफलता प्राप्त करेंगे।

उपायः- नियमित रूप से भगवान विष्णु जी की आराधना करें।