हाथी पर सवार होकर आ रही मांँ भगवती जानें सभी भक्तों पर कैसा होगा इसका प्रभाव

इस वर्ष आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में यानि 19 जून 2023 को माँ हाथी पर सवार होकर अपने सभी भक्तों के द्वार पर आ रही हैं। आपको बता दें यह समय जातक की कार्य सिद्धि और माँ दुर्गा की कृपा पाने के लिए अति उत्तम माना जाता है। तंत्र-मंत्र सीखने वाले साधकों के लिए गुप्त नवरात्रि बेहद खास होती है इस समय की गई पूजा से भक्त जनों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है तो चलिए हमारे योग्य ज्योतिषाचार्य के. एम. सिन्हा जी के द्वारा यह जानते हैं कि माँ दुर्गा की हाथी के सवारी का मतलब क्या होता है।

आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्रि में माता के आगमन और प्रस्थान की सवारी

नवरात्रि के दौरान माँ दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के बारे में बात करें तो माँ दुर्गा का आगमन और समापन नवरात्रि की शुरुआत होने से पहले ही दिन के अनुसार तय हो जाता है। जैसा की इस वर्ष आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत सोमवार से हो रही है तो सोमवार के अनुसार माता का वाहन हाथी होता है इसलिए इस बार माँ अपने भक्तों के पास हाथी की सवारी से आ रही है।

इसके अलावा माता के प्रस्थान करने के समय की बात करें तो गुप्त नवरात्रि का समापन 28 जून को हो रहा है ऐसे में जब नवरात्रि का समापन बुधवार या शुक्रवार के दिन होता है तो माता की सवारी हाथी होता है। इसलिए माँ का इस बार अपने भक्तों के द्वार पर आगमन और प्रस्थान हाथी पर ही होगा।

हाथी की सवारी से क्या पड़ेगा भक्तों पर प्रभाव

शास्त्रों के अनुसार देखा जाए तो माँ दुर्गा का किसी न किसी सवारी पर आना और प्रस्थान करना अत्यधिक शुभ माना जाता है इनमें से इस बार माँ दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं जो की बहुत शुभ फलदायी होता है, हाथी पर सवार होकर जब-जब माँ दुर्गा अपने भक्तों के द्वार आती हैं तब-तब ज्यादा वर्षा होना, फसलों की अच्छी पैदावार होना तथा घर में सुख-समृद्धि आने की ओर संकेत देता है।

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माँ दुर्गा किन-किन वाहनों से अपने भक्तों के द्वार आती हैं

शास्त्रों के अनुसार माँ दुर्गा की सवारी सिंह को माना जाता है लेकिन नवरात्रि के त्योहार के समय जब माँ दुर्गा धरती पर आती हैं तो उनकी सवारी बदल जाती है। माँ दुर्गा की सवारी अलग-अलग वार के अनुसार डोली, नाव, घोड़ा, भैंसा, हाथी तथा मनुष्य होते हैं। माँ दुर्गा अपनी इन्हीं सवारियों से अपने भक्तों के द्वार आती हैं।

दिन के अनुसार माँ दुर्गा की सवारी

☸ नवरात्रि के आरम्भ में माँ दुर्गा जब अपने भक्तों के द्वार आती हैं तो दिन के अनुसार उनकी कुछ सवारियाँ निर्धारित की गई है जो यहां पर विस्तार से बातई गई है।

☸ यदि नवरात्रि का आरम्भ चाहे वह गुप्त नवरात्रि हो या चैत्र नवरात्रि या फिर शारदीय नवरात्रि इनमें से किसी भी नवरात्रि का आरम्भ यदि सोमवार या रविवार के दिन से होता है तो ऐसे में माँ दुर्गा का वाहन हाथी होता है। अतः हाथी पर सवार होकर माँ दुर्गा के आने से अत्यधिक वर्षा होने का संकेत माना जाता है।

☸ नवरात्रि का आरम्भ यदि शनिवार या मंगलवार के दिन से हो रहा है तो ऐसे में माँ दुर्गा अपने भक्तों के द्वार घोड़े पर सवार होकर आती हैं। घोड़े पर सवार होकर माँ दुर्गा का आना बहुत ही भयावह युद्ध के हालात पैदा करने का संकेत माना जाता है।

☸ नवरात्रि का आरम्भ यदि गुरुवार या शुक्रवार के दिन से हो रहा है तो ऐसे में माँ अपने भक्तों के द्वार डोली पर सवार होकर आती हैं। माँ का अपने भक्तों के द्वार डोली पर सवार होकर आने से किसी गंभीर महामारी के आने का संकेत होता है।

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☸ इसके अलावा यदि नवरात्रि का आरम्भ बुधवार के दिन से हो रहा है तो ऐसे में माँ दुर्गा अपने सभी भक्तों के द्वार नौका पर सवार होकर आती है। नौका पर माँ दुर्गा के सवार होकर आने से सर्व सिद्धिदायक होने का संकेत मिलता है जो कि सभी भक्तों के लिए शुभ फलदायक होता है।

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