17 नवम्बर 2023 सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर

सूर्यदेव के वृश्चिक राशि में प्रवेश की बात करें तो ग्रहों के राजा कहे जाने वाले सूर्यदेव का गोचर 17 नवम्बर 2023 को दोपहर 01 बजकर 07 मिनट पर हमारी 12 राशियों में से आठवीं राशि यानि वृश्चिक राशि में होने जा रहा है। अतः सूर्य के होने वाले इस गोचर का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर भी अवश्य पड़ेगा। कुछ जातकों के ऊपर इस होने वाले गोचर का प्रभाव कुछ कम रहेगा परन्तु कुछ लोगों के ऊपर इस ग्रह का प्रभाव थोड़ा ज्यादा देखने को मिल सकता है।

ज्योतिष शास्त्र में सूर्यदेव को राजा की संज्ञा दी गई है यह मानव जीवन में मान-सम्मान, स्वाभिमान तथा प्रतिष्ठा के महत्व को दर्शाते है। साथ ही मानव जीवन में धैर्य, समर्पण, इच्छा शक्ति तथा नेतृत्व क्षमता को नियंत्रित करने का भी कार्य करते हैं। सूर्यदेवता विशेष रूप से मानव शरीर में दिल और हड्डियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

राशि के अनुसार सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर फल और उपाय

मेष राशि

मेष राशि वाले जातकों के लिए सूर्यदेव आपके संतान, शिक्षा, प्रेम जीवन और पूर्व जन्म मे किये गये पुण्य के स्वामी हैं। ऐसे में सूर्यदेव का गोचर आपकी कुण्डली के अष्टम भाव यानि आकस्मिक दुर्घटना, दीर्घायु और रहस्य विज्ञान में होने जा रहा है। आपको बता दें सूर्य देव का अष्टम भाव में गोचर बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं है। हृदय और हड्डियों से सम्बन्धित आपको स्वास्थ्य की समस्या हो सकती है। ऐसे में स्वयं का विशेष ध्यान दें। माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर इस गोचर के दौरान चिंतित रहेंगे। गर्भवती महिलाओं को इस समय अपने और अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव आने के कारण कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। किसी नयी चीजों को सीखने के लिए सूर्य का यह गोचर अनुकूल है। रिसर्च से सम्बन्धित कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। इसके अलावा आर्थिक दृष्टिकोण से यह गोचर बहुत ही ज्यादा अनुकूल रहने वाला है।

उपायः- हनुमान जी को नियमित रूप से बाल रंग का आटा चढ़ाएँ।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वाले जातकों के लिए सूर्यदेव, घर, माता, वाहन तथा घरेलू सुख सुविधाओं के स्वामी हैं। ऐसे में सूर्यदेव का गोचर आपकी कुण्डली के सप्तम भाव यानि वैवाहिक जीवन और साझेदारी के भाव में होने जा रहा है। सूर्य का यह गोचर वैवाहिक जीवन के लिए बहुत अनुकूल नही है। वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव तथा वाद-विवाद देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में अपने वाद-विवाद को सुलझाने का प्रयास करें और अपने वैवाहिक जीवन की समस्या में अपने परिवार के सदस्यों को शामिल न करें। इस गोचर के दौरान आप अविवाहित है तो विवाह तय करने का प्रयास किया जा सकता है। व्यापारी जातकों के लिए यह गोचर अत्यधिक फलदायी साबित होगा। साझेदारी में किये गये व्यापार में अपने से बड़े अधिकारियों का पूरा समर्थन मिलेगा। आप इस दौरान अपना अधिकारिक रवैया भी अपना सकते हैं। सूर्य देव के गोचर के दौरान आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। अच्छा खान-पान रखें तथा पौष्टिक आहार ग्रहण करें।

उपायः- सूर्यदेव के इस गोचर के दौरान गायत्री मंत्र का जाप करें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वाले जातकों के लिए सूर्यदेव छोटे भाई-बहन, शौक, संचार साथ ही छोटी यात्रा के स्वामी हैं। ऐसे में सूर्यदेव का वृश्चिक राशि में गोचर आपकी कुण्डली के छठे भाव में होने जा रहा है। अतः सूर्य का यह गोचर आपको मिले-जुले परिणाम देगा। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षा तथा सरकारी नौकरी कर रहे जातकों को सफलता प्राप्त होगी तथा वे अपनी परीक्षा में पहले से अच्छा प्रदर्शन करेंगे। कोर्ट-कचहरी में मुकदमा लड़ रहे जातकों को इस गोचर के दौरान सफल परिणाम मिलेंगे। इसके अलावा सूर्य का गोचर आपको रिश्तेदारों का सहयोग प्रदान करेंगे जिससे आपके रिश्ते और ज्यादा मजबूत होंगे। सूर्य का यह गोचर आपको सभी परिस्थितियों में सही निर्णय लेने में मदद करेगा। प्रशासनिक और सरकारी सेवाओं में बड़ी सफलता आपको प्राप्त हो सकती है। भाई-बहनों से वाद-विवाद हो सकता है। इसके अलावा कंपनियों में काम कर रहे जातकों को विशेष लाभ प्राप्त होगा।

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उपायः- किसी जरूरतमंदों को दवा उपलब्ध कराएँ साथ ही खाने-पीने की वस्तुएँ दान करें।

कर्क राशि

कर्क राशि वाले जातकों के लिए सूर्यदेव वाणी, बचत और परिवार के द्वितीय भाव के स्वामी हैं ऐसे में सूर्य का गोचर आपके पंचम भाव में हो रहा है। अतः यह गोचर आपके लिए कई मायनों में अनुकूल रहेगा। वैवाहिक जीवन में संतान प्राप्ति के लिए अच्छी खबर मिल सकती हैं। इसके अलावा विद्यार्थी जातक के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। गोचर के दौरान आप पूरी तरह से लाभ उठा पाने में सक्षम होंगे। प्रेम जीवन के लिए यह गोचर अनुकूल नही है, वाद-विवाद होने की आशंका हो सकती हैं। सूर्य के गोचर के दौरान आप अपना पैसा बचत करके शेयर मार्केट में लगायेंगे जिससे आपको अच्छा लाभ प्राप्त होगा। आर्थिक दृष्टिकोण से यह गोचर आपके लिए अनुकूल रहेगा। कार्य-स्थल पर की गई मेहनत का आपको सकारात्मक परिणाम प्राप्त होगा।

उपायः- सूर्य देवता को प्रसन्न करने के लिए आदित्य हृदय स्त्रोत का नियमित रूप से पाठ करें।

सिंह राशि

सिंह राशि वाले जातकों के लिए सूर्य देव आपके शरीर, व्यक्तित्व तथा लग्न भाव के स्वामी हैं। ऐसे में सूर्यदेव का वृश्चिक राशि में गोचर आपकी कुण्डली के चतुर्थ भाव में हो रहा है। इस दौरान आप अपने माता तथा घरेलू जीवन में हो रहे उतार-चढ़ाव का विशेष ध्यान दें। अपने परिवार के सदस्यों के साथ समय व्यतीत करने के लिए समय निकालने का प्रयास करेंगे। इस गोचर के दौरान नई सम्पत्ति खरीदना बहुत ज्यादा शुभ माना जाता है। धन लाभ तथा सम्पत्ति में वृद्धि होगी। इसके अलावा सूर्य के गोचर के दौरान नकारात्मक परिणाम में घर का सुखी माहौल भी प्रभावित हो सकता है साथ ही परिवार में वाद-विवाद भी उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में स्वयं को शांत रखें तथा आपसी सामंजस्य बनाये रखें जिससे आपकी सुख-शांति बनी रहे। कार्य-व्यवसाय में गोचर के दौरान अनुकूल परिणाम मिलते दिखाई दे रहे हैं।

उपायः- प्रातः काल उठकर नियमित रूप से सूर्यदेव को अर्घ्य दें।

कन्या राशि

कन्या राशि वाले जातको के लिए सूर्य देव विदेश, भूमि तथा हानि के द्वादश भाव के स्वामी हैं। ऐसे में सूर्य देव का वृश्चिक राशि में गोचर आपकी कुण्डली के तृतीय भाव में हो रहा है। यह गोचर आपके लिए अनुकूल साबित होने वाला है। आपके आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होगी। इसके अलावा आपके बातचीत करने के तरीके के साथ आपके गुण भी अत्यधिक प्रभावशाली होंगे। सरकारी क्षेत्रों में कार्य कर रहे जातकों के लिए भी सूर्य का यह गोचर फलदायी साबित होगा। इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट का व्यवसाय कर रहे जातकों को भी अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा। अपने किसी करीबी दोस्त से सावधान रहना पड़ सकता है। इसके अलावा स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्याएँ भी झेलनी पड़ सकती हैं। कम दूरी की यात्रा के दौरान खर्चे थोड़े ज्यादा भी हो सकते हैं। घर के सदस्यों के साथ समय व्यतीत करने का अवसर प्राप्त हो सकता है साथ ही पिता से आपके संबंध बहुत अच्छे हो सकते है।

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उपायः- प्रतिदिन सूर्य की वस्तुओं का दान करके सूर्यदेव को जल चढ़ायें।

तुला राशि

तुला राशि वाले जातकों के लिए सूर्यदेव एकादश भाव के स्वामी है। ऐसे में सूर्य देव का वृश्चिक राशि में गोचर आपकी कुण्डली के द्वितीय भाव में होने जा रहा है। इस दौरान आपको धन की बचत करने के कई अवसर प्राप्त होंगे। लम्बे समय से किये गये निवेश में आपको अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा साथ ही धन का बचत कर पाने में भी सक्षम होंगे। फाइनेंस के क्षेत्र में कार्य कर रहे जातकों को अपने परिवार के सदस्यों का पूरा सहयोग मिलेगा। सूर्य के गोचर के दौरान आपकी वाणी थोड़ी ज्यादा उग्र हो सकती है जिसके कारण बोले गये अपशब्दों से गलतफहमी पैदा हो सकती है। आप अपने साथी के साथ मिलकर अपना पैसा कहीं इनवेस्ट कर सकते हैं। कुछ जातकों को इस गोचर के दौरान अंक ज्योतिष और टैरो रीडिंग के तरफ झुकाव हो सकता हैं। सूर्य के गोचर के इच्छानुसार सीखने वाले कार्यों के लिए समय अनुकूल है।

उपायः- नियमित रूप से गुण का सेवन करें साथ ही सूर्य देव के मंत्र ॐ घृणिः सूर्य आदित्यः मंत्र का जाप करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए सूर्यदेव दशम भाव यानि पेशेवर जीवन करियर तथा सार्वजनिक छवि के स्वामी हैं। ऐसे में सूर्यदेव का वृश्चिक राशि में गोचर आपकी कुण्डली के लग्न भाव में होने जा रहा है। इस दौरान यह गोचर कार्य-व्यवसाय करने वाले जातकों के लिए अच्छे अवसर लेकर आ रहा है यह अवसर आपके भविष्य के लिए अत्यधिक लाभदायक रहेगा। आपके निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी साथ ही आपको अपने गुरुओं और सहकर्मियों का भी पूरा सहयोग मिलेगा। इसके अलावा सूर्यदेव इम्युनिटी को बढ़ाने तथा स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभदायक होते हैं और व्यक्ति को ऊर्जा भी प्रदान करेंगे। इस गोचर के दौरान अपने वैवाहिक जीवन पर विशेष ध्यान दें अन्यथा अहंकार और क्रोधी स्वभाव के कारण आपके रिश्तों में छोटी-मोटी नोक झोंक हो सकती है। इसके अलावा यदि आप व्यापार आरम्भ करने के लिए किसी सहकर्मी की तलाश कर रहे हैं तो आपकी यह तलाश भी सूर्य के गोचर के दौरान पूरी हो जायेगी।

उपायः- अपनी जेब में या अपने बटुए में लाल रुमाल अवश्य रखें साथ ही सूर्यदेव की आराधना करें।

धनु राशि

धनु राशि वाले जातकों के लिए सूर्यदेव नवम भाव के स्वामी हैं। ऐसे में सूर्य देव का वृश्चिक राशि में गोचर आपकी कुण्डली के द्वादश भाव में होने जा रहा है। विशेष रूप से यह भाव विदेश, भूमि, अस्पताल तथा एमएनसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है। इस दौरान यह गोचर बहुत अनुकूल नहीं है। आपके स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है जिससे उतार-चढ़ाव लगा रह सकता है। सूर्य का यह गोचर लंबी यात्रा तथा रोजगार के नए अवसर से लाभ प्राप्त करा सकता है। इस दौरान लम्बी यात्रा आपके लिए लाभप्रद हो सकती है। आर्थिक रूप से लाभ प्राप्त होगा। अस्पताल तथा आश्रम से सम्बन्धित कार्यक्षेत्र में उत्तम लाभ मिलने की संभावना है। धार्मिक क्षेत्रों में झुकाव बढ़ेगा। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों को भी अच्छे लाभ प्राप्त होंगे।

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उपायः- अपने पिता का सम्मान करें तथा किसी महत्वपूर्ण कार्य पर जाते समय अपने पिता का आशीर्वाद अवश्य लें।

मकर राशि

मकर राशि के लिए सूर्यदेव अष्टम भाव के स्वामी ग्रह हैं। ऐसे में सूर्यदेव का वृश्चिक राशि में गोचर आपकी कुण्डली के एकादश भाव में होने जा रहा है। अतः इस गोचर के दौरान आपको अपने भाई-बहन तथा घर के बड़ों का पूरा सहयोग मिलेगा। समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होगी तथा धन लाभ होने की संभावना अधिक होगी। कार्य-व्यवसाय में लम्बे समय से किये गये मेहनत के परिणाम इस गोचर के दौरान मिलेंगे। प्रेम जीवन के लिए यह गोचर अनुकूल नहीं है। प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। गर्भवती महिलाओं को गोचर के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। जिनके संतान है उन्हें अपने संतान से भी कोई समस्या मिल सकती है। मकर राशि के छात्र जातकों को इस गोचर के दौरान शिक्षकों का मार्गदर्शन प्राप्त हो सकता है।

उपायः- सूर्यदेव की आराधना करें साथ ही गौ माता को गुड खिलाएँ।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वाले जातकों के लिए सूर्यदेव सप्तम भाव के स्वामी है। ऐसे में सूर्यदेव का गोचर आपकी कुण्डली के दशम भाव में होगा। सूर्यदेव का यह गोचर जातक के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। एक पेशेवर के रूप में आपके कार्य में प्रगति और पदोन्नति होगी। अपने कार्यक्षेत्र के दौरान अपने आप में एक नई ऊर्जा महसूस करेंगे। आपके आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होगी। इसके अलावा इस गोचर के दौरान आपकी आलोचना के कारण अहंकार आप पर हावी हो सकता है। माता का पूरा सहयोग मिलेगा परन्तु किसी तरह का मने में अहंकार भरे रहने के कारण आपका गृहस्थ जीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में अपनी वाणी पर नियन्त्रण बनाये रखें जिससे घर का माहौल उत्तम रहेगा।

उपायः- सूर्य देव को नियमित रूप से ताँबे के लोटे में लाल गुलाब की पंखुड़ियाँ डालकर जल अर्पित करें।

मीन राशि

मीन राशि वाले जातकों के लिए सूर्यदेव षष्ठम भाव के स्वामी हैं। ऐसे में सूर्यदेव का वृश्चिक राशि में गोचर आपकी कुण्डली के नवम भाव में होने जा रहा है। इस दौरान मीन राशि का यह गोचर अत्यधिक फलदायी साबित होने वाला है। मन मुताबिक परिणाम इस गोचर के दौरान मिलने की संभावना है। विद्यार्थी जातकों को अपने गुरुओं का पूरा-पूरा सहयोग मिलेगा। पिता से आपको आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकती है। सूर्य के गोचर के दौरान आपका अध्यात्म के प्रति झुकाव ज्यादा बढ़ सकता है। आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होगी। आप अपने उग्र वाणी के माध्यम से अपने छोटे भाई-बहन को चोट पहुँचा सकते हैं छोटे-मोटे वाद-विवाद होने के कारण आपके रिश्ते कमजोर हो सकते हैं।

उपायः- रविवार के दिन मंदिर जाकर सूर्यदेव को फल अर्पित करें।