18 फरवरी 2024 रोहिणी व्रत

रोहिणी व्रत के बारे में बात करें तो यह 27 नक्षत्रों में से एक नक्षत्र रोहिणी नक्षत्र में किया जाने वाला व्रत होता है। यह व्रत विशेष रूप से हिन्दू और जैन धर्म में बहुत महत्व रखता है। आषाढ़ माह में पड़ने वाले रोहिणी व्रत का उपवास विशेष सभी महिलाएं अपने पति की लम्बी आयु के लिए करती हैं। रोहिणी व्रत के दौरान सभी महिलाएं भगवान वासु पूज्य की पूजा करती हैं। आपको बता दें इस व्रत की सबसे खास बात यह है कि इस व्रत की 3, 5 या पूरे 7 वर्षों तक करने के बाद ही उद्यापन किया जाता है। जैन धर्म से सम्बन्धित महिलाओं के लिए इस रोहिणी व्रत का पालन करना अति आवश्यक माना जाता है साथ ही उनके विधि-विधान से पूजा करने से पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।

रोहिणी व्रत पूजा विधि

☸ रोहिणी व्रत के दौरान प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की अच्छे से साफ-सफाई करके घर को पवित्र कर लें।

☸ इसके बाद गंगाजल नहाने के पानी में डालकर अच्छे से स्नानादि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करके व्रत का संकल्प लें।

☸ इसके बाद आचमन करके अपने आप को एकदम शुद्ध कर लें।

☸ उसके बाद पूजा शुरू करने से पहले सूर्यदेव को जल से अर्घ्यं दें।

☸ उसके बाद भगवान वासुपूज्य की पूजा फल, फूल, दूर्वा इत्यादि से करें।

☸ पूजा की समाप्ति के बाद आरती आरम्भ करें साथ ही कनकधारा स्त्रोत का भी पाठ करें।

☸ उसके बाद गरीबों और जरूरतमंदों को जरूरत की वस्तुएं दान करें।

☸ जैन धर्म के लोग रात्रि में भोजन करने की मनाही होती है।

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☸ व्रत को करते समय फलाहार सूर्यास्त से पूर्व ही कर लेना चाहिए।

☸ अंत में रोहिणी व्रत के समापन होने के बाद ही व्रत का उद्यापन करें।

रोहिणी व्रत शुभ मुहूर्त

रोहिणी व्रत 18 फरवरी 2024 को रविवार के दिन मनाया जायेगा।