20 अप्रैल सूर्य ग्रहण के बाद की सबसे बड़ी भविष्यवाणी | 20 April Surya Grahan Benefit |

बात करते है 20 अप्रैल को लगने वाले सूर्यग्रहण की तो यह पूरे विश्व के लिए एक बहुत बड़ा खतरा हो सकता है। चल रहे इस वर्तमान समय में आये दिन कोई न कोई सम्प्रदायिक दंगे होते रहते हैं परन्तु आने वाले समय में लगने वाला सूर्य ग्रहण सभी के लिए खतरे से कम नहीं है क्योंकि स्वर और भानु नाम का जो राक्षम है जिससे राहु और केतु की उत्पत्ति हुई थी वह फिर से उत्पात मचाने वाले है।अतः 20 अप्रैल को लगने वाले इस सूर्यग्रहण से पूरे विश्व पर पड़ने वाले इन खतरनाक प्रभावों को आइये हम  ज्योतिषाचार्य के. एम. सिन्हा जी के किये गये विश्लेषणों से समझते है।

भारत में सूर्य ग्रहण का प्रभावः-

वास्तव में सूर्य ग्रहण का प्रभाव भारत में तो आंशिक रूप से ही पड़ेगा परन्तु जिस क्षेत्र में सूर्यग्रहण पूरी तरह से देखा जायेगा। उस क्षेत्र में इसका प्रभाव ज्यादा पड़ेगा। विश्व में भारत के सापेक्ष अगर देखा जाए तो दक्षिण पूर्व क्षेत्र जैसे जापान, चाईना, ताइवान इत्यादि, इसके अलावा सिंगापुर, मलेशिया, न्यूजीलैण्ड, आस्ट्रेलिया ऐसे कई क्षेत्रों में सुनामी आना साथ ही विनाशकारी भूकंप आना जिसकी तीव्रता बहुत ज्यादा हो सकती है। अतः इसी क्षेत्र में सूर्यग्रहण के प्रभाव को भी देखा जा सकता है।

ऐसे में किसी न किसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण पूरे जनसमूह यानि विश्व में अशांति उत्पन्न हो सकती है। ये सभी घटनाएं आने वाले समय में होकर ही रहेंगी यू.एस.ए में यह ग्रहण देखने को मिलेगा जिसके कारण यू.एस.ए का क्षेत्र सूर्यग्रहण के प्रभाव से प्रभावित रहेगा। ये सारी प्राकृतिक आपदायें यू.एस.ए में भी देखने को मिलेंगी। इसके अलावा यूरोप की बात करें तो इस ग्रहण का प्रभाव यूरोप में कम रहेगा क्योंकि वहाँ महामारी के बढ़ने की संभावनाएं ज्यादा होंगी।

पश्चिमी देशों में भूकंप आने की संभावना:-

पश्चिमी देशों में भूकंप आने की संभावना बहुत कम है। भूकंप आने की संभावनाएं सबसे ज्यादा अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान, और ईराक इन देशों में होंगी।

सूर्यग्रहण के समय में सूर्य, चन्द्र, बुध और राहु ये सभी एक साथ मेष राशि में रहेंगे इनके साथ बृहस्पति ग्रह भी इसी राशि में रहेंगे यानि 5 ग्रहों का प्रभाव एक जगह पर होना अपने आप में एक बड़ी घटना को बता रहा है। साथ में शनि और केतु की नीच दृष्टि भी अत्यधिक प्रभावित करेगी। ऐसे में इन सभी के बुरे प्रभावों से बचाने वाले जो ग्रह हैं वो हमारा लग्नेश है। यहाँ शुक्र ग्रह, शुक्र मालव्य योग बनाकर रहेंगे जिससे इन सभी पड़ने वाले बुरे प्रभावों में सुधार होगा परन्तु फिर भी इन ग्रहों की बनने वाली स्थिति पूरे विश्व के लिए चिंताजनक रहेगी।

देवगुरु बृहस्पति रहेंगे पीड़ित अवस्था मेंः-

इस स्थिति में देवगुरु बृहस्पति पीड़ित अवस्था में रहेंगे। देवगुरु बृहस्पति 5 भाव के कारक होने के बावजूद खुद पीड़ित रहेंगे तो आने वाले समय में धार्मिक स्थल पर प्रभाव पड़ेगा क्योंकि देवगुरु बृहस्पति धार्मिक स्थल के बारे में ही जाने जाते हैं। धार्मिक चीजों में देवगुरु का महत्व होता है, फाइनांस के लिए देवगुरु बृहस्पति कारक बन जाते हैं इसके अलावा पंचम, नवम, दशम और एकादश भाव के कारक भी बृहस्पति देव भी होते हैं। अतः इन सभी का जो प्रभाव रहेगा बृहस्पति देव के पीड़ित होने के कारण आने वाले समय में निश्चित रुप से महंगाई को बढ़ा देगा मँहगाई उस वक्त अपने चरम सीमा पर रहेगी साथ ही कमोडिटी प्राइस के दाम भी बढ़ेंगे और शेयर मार्केट का भाव गिरेगा। 22 अप्रैल के बाद इसका प्रभाव आपको बहुत तेजी से देखने को मिलेगा। इसके प्रभावों को दूर करने के लिए-

उपायः-

☸देवगुरु वृहस्पति की आराधना करें, (और)
☸बृहस्पति जिनके लिए मारक हैं विशेष रूप से वृषभ लग्न और तुला लग्न वाले जातकों को पीले रंग चीजों का दान करना चाहिए और बाकी लग्न वाले जातकों को बृहस्पति का बीज मंत्र करना चाहिए जिससे आने वाली सभी परेशानियों से राहत मिल सके।