25 मार्च 2024 पंगुनी उथिरम

बात करें यदि हम पंगुनी उथिरम के त्योहार की तो यह पर्व तमिल हिन्दुओं के लिए तमिल में मनाया जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण देवी-देवताओं के विवाह के जश्न के दौरान ही मनाया जाता है। यह पर्व पंगुनी महीने में मनाया जाता है जब नक्षत्र उथिरम या उत्तरा फाल्गुनी का होता है। तमिल के कैलेण्डर के अनुसार पंगुनी माह बारहवां और सबसे अंतिम महीना होता है।

पंगुनी उथिरम का त्योहार क्यों मनाया जाता है

तमिल के क्षेत्र में मनाया जाने वाला यह त्योहार नक्षत्र उथिरम पूर्णिमा के साथ मेल खाता है। मान्यता के अनुसार ऐसा माना जाता है कि अधिकांश दिव्य विवाह आज के दिन ही हुए थे। इसी दिन माँ पार्वती और भगवान शिव देवी देवयानई और भगवान मुरूगन, माता सीता और भगवान श्री राम जी का विवाह भी पंगुनी उथिरम के पर्व के दिन ही आयोजित किया गया था।

जैसा की आपको पता है की इसी दिन देवयानई ने भगवान सुब्रमण्यम से विवाह किया था इसलिए भगवान सुब्रमण्यम जी के भक्तों के लिए भी यह एक अत्यधिक महत्वपूर्ण त्योहार है। पंगुनी उथिरम के पर्व के दिन ही मुरूगन जी के मंदिर में सैकड़ों भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं इसके अलावा मान्यता के अनुसार इसी दिन को अन्य जगहों पर गौरी कल्याणम दिवस के रूप में भी श्रद्धा से मनाया जाता है।

तमिल के इस पंगुनी उथिरम त्योहार को महालक्ष्मी जयंती के नाम से भी जाना जाता है इसी दिन देवी महालक्ष्मी पौराणिक क्षीर सागर के मंथन के दौरान ही इस पृथ्वी पर अवतरित हुई थी।

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इस दिन को मनाये जाने का एक अन्य कारण और भी है कि इस दिन इन सभी जयंतियों के साथ-साथ भगवान अयप्पन जयंती भी मनाया जाता है। इस दिन भगवान अयप्पन का जन्म हुआ था तथा भगवान शिव और भगवान श्री विष्णु जी का मोहिनी रूप में मिलन हुआ था।

कैसे मनाया जाता है पंगुनी उथिरम का त्योहार

पंगुनी उथिरम के त्योहार के दिन सभी भगवान मुरूगन जी के भक्त अपना मन्नत पूरा करने के लिए इस दिन अंकित कावड़ियों को लेकर भगवान मुरूगन के मंदिर में जाते है।

ब्राह्मण पुराण के अनुसार पंगुनी उथिरम पर्व पर लाखों देवी देवता तंुबुरू तीर्थ में स्नान करते हैं। जो कि तिरूपति में वेंकटेश्वर मंदिर के सात पवित्र तालाओं में से एक है। मान्यता के अनुसार इस अवसर पर मंदिर के तालाब में स्नान करने से जातक पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त हो जाता है।

इस विशेष पर्व के दौरान तमिलनाडु के कांचीपुरम में एकंबरेश्वर मंदिर में पृथ्वी तत्व और पृथ्वी लिंग की पूजा के लिए विशेष महत्व रखता है। इस पर्व के दौरान यह उत्सव लगभग 13 दिनों तक चलता है।

पंगुनी उथिरम शुभ मुहूर्त

25 मार्च 2024 सोमवार के दिन पंगुनी उथिरम का त्योहार मनाया जायेगा।
उथिरम नक्षत्रम् प्रारम्भः- 24 मार्च 2024 को सुबह 07ः34 मिनट से,
उथिरम नक्षत्रम् समाप्तः- 25 मार्च 2024 को 10ः38 मिनट सुबह तक।