6 अप्रैल शुक्र का राशि परिवर्तन

शुक्रः- कुण्डली मे शुक्र को सुख-सुविधाओं अर्थात ऐशोआराम का कारक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों मे सबसे अच्छा ग्रह शुक्र को ही माना गया है शुक्र की स्थिति कुण्डली मे अच्छी हो तो जातक का जीवन राजा के समान व्यतीत होता है। जातक बड़े भू-भाग का स्वामी होता है। वर्ष 2023 मे शुक्र का राशि परिवर्तन 6 अप्रैल दिन बृहस्पतिवार को हो रहा है। इस दिन शुक्र मिथुन राशि मे गोचर करेगा। जिसका कुछ न कुछ प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। कुछ राशियों के लिए यह परिवर्तन वरदान साबित होगा तो कुछ राशियों के लिए अभिशाप परन्तु इससे आपको परेशान होने की आवश्यकता नही है। इन परिस्थितियों से निकलने के लिए दिल्ली के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य के. एम. सिन्हा जी द्वारा बताए गए उपायों को अपना कर राहत पा सकते है।

मेष लग्नः- आपकी कुण्डली में शुक्र का राशि परिवर्तन द्वितीय भाव में हो रहा है तथा शुक्र यहाँ धनेश एवं सप्तमेश होता है। शुक्र का राशि परिवर्तन आपको अच्छा परिणाम देगा। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी तथा धन संग्रह करने में भी आप सक्षम होंगे साथ ही ससुराल पक्ष से आपको लाभ मिलेगा परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी परन्तु वैवाहिक जीवन के लिए यह समय अच्छा नही रहेगा दूर संचार के माध्यमों से भी आपको लाभ प्राप्त होगा तथा आपकी यात्राएं भी सफल रहेंगी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें तथा आपका पराक्रम भी बढ़ा-चढ़ा रहेगा। आमदनी के अच्छे स्त्रोत मिलेंगे तथा न्यायिक कार्यों में भी आपको लाभ मिलेगा कई कार्यों मे आपको अचानक से परिणाम प्राप्त होंगे।
उपायः- पांच प्रकार के अनाजों को मिलाकर दान करें, वैवाहिक जीवन उत्तम होगा।

वृष लग्नः- आपकी कुण्डली में शुक्र लग्नेश एवं रोगेश है तथा इसका परिवर्तन अपने ही भाव लग्न भाव में हो रहा है। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह समय अच्छा नही रहेगा तथा मानसिक रुप से भी आप पीड़ित हो सकते है। इसलिए जितना संभव हो स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कार्य-व्यवसाय मे आपको सफलता मिलेगी विशेषकर जो लोग शनि से सम्बन्धित व्यवसाय जैसे लोहे का कार्य कोयले से जुड़ा व्यापार इत्यादि। बाहरी स्त्रोंतो से भी आपको आपको धन लाभ की प्राप्ति होगी। आपकी वाणी मे थोड़ी उग्रता आ सकती है। आमदनी के क्षेत्र में आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपके पराक्रम मे कमी आ सकती है तथा छोटे भाई-बहनों को भी कष्ट मिल सकता है सुख-सुविधाओं की प्राप्ति करने में आप सक्षम होंगे। विद्यार्थियों को अपने शिक्षा में काफी परिश्रम करना पड़ सकता है।
उपायः- शुक्र के बीज मंत्र का पाठ करें, आपकी परेशानियां दूर होंगी।

मिथुन लग्नः- आपकी कुण्डली में शुक्र पंचमेश एवं द्वादेश होता है। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से चिंता बन सकती है साथ ही आपके स्वभाव में उग्रता एवं अहंकार बढ़ सकता है। जो आपके वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित कर सकता है। शुक्र का राशि परिवर्तन कई क्षेत्रों मे अच्छे परिणाम दिलायेगा। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी तथा सुख-सुविधाओं की वस्तुएं भी प्राप्त करेंगे अविवाहित जातकों के विवाह का योग बन रहा है। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा गर्भवती महिलाओं को अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि गर्भ हानि के योग बन रहे है तथा संतान पक्ष को भी कष्ट मिल सकते है। कार्य-व्यवसाय मे आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे तथा समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा तथा प्रशासन द्वारा भी आपको लाभ मिलेगा।
उपायः- सूर्य देव की आराधना करें, कार्य-व्यवसाय में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।

कर्क लग्नः- आपकी कुण्डली में शुक्र सुखेश एवं लाभेश होता है तथा आपकी कुण्डली में शुक्र का गोचर एकादश भाव में हो रहा है अतः आमदनी के दृष्टिकोण से यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा परन्तु सुख-सुविधाओं के क्षेत्र में परेशानियां बन सकती है तथा माता-पिता को भी कुछ कष्ट मिल सकता है। कार्य-व्यवसाय के सिलसिले से यात्राएं हो सकती है आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी तथा धार्मिक कार्यों मे भी आपका रुझान बढ़ेगा। संतान पक्ष को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। विद्यार्थी भी शिक्षा के क्षेत्र में अत्यधिक परिश्रम करेंगे।
उपायः- प्रतिदिन माता के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त करें।

सिंह लग्नः- आपकी कुण्डली में शुक्र पराक्रमेश एवं दशमेश होता है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें क्योंकि शारीरिक रुप से कमजोर महसूस करेंगे लेकिन आपके आयु में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों को लेकर खर्च बढ़ सकते है। भाग्य उन्नति के लिए आपको काफी परिश्रम करना पड़ेगा। कार्य-व्यवसाय को लेकर यह समय आपको अच्छे परिणाम देगा समाज में आपके मान-सम्मान बढ़ेगा तथा धन लाभ की प्राप्ति होगी परन्तु वैवाहिक जीवन के लिए यह समय अच्छा नही रहेगा तथा जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बन सकती है। दैनिक रोजगार के क्षेत्र में आपको कुछ रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। विद्यार्थी वर्ग अपने शिक्षा को लेकर काफी परिश्रमी करेंगे।
उपायः- लक्ष्मी नारायण मन्दिर में भगवान को खीर का भोग लगाएं।

कन्या लग्नः- कन्या लग्न के जातकों की कुण्डली में शुक्र धनेश एवं भाग्येश होता है आपकी कुण्डली में शुक्र का गोचर नवम भाव में हो रहा है फलस्वरुप यह राशि परिवर्तन आपको शुभ फल देगा आपको भाग्य का साथ प्राप्त होगा तथा धार्मिक कार्यों मे आपकी रुचि बढ़ेगी। लम्बे समय से चल रहे रोगो से मुक्ति मिलेगी तथा बाहरी स्त्रोंतो से भी आप लाभ प्राप्त करेंगे इसके साथ ही अपने शत्रुओं का सामना करने में आप सक्षम होंगे। परिवार में कलह की स्थिति बन सकती है तथा वैवाहिक जीवन में भी कष्ट बना रह सकता है। विद्यार्थियों को अपने शिक्षा मे काफी परिश्रम करना पड़ सकता है इसके अलावा संतान पक्ष को भी कष्ट मिल सकता है। कार्य-व्यवसाय मे कुछ रुकावटों के बाद सफलता मिलेगी। कोर्ट-कचहरी के क्षेत्र में विजय प्राप्त करेंगे।
उपायः- सूर्य देव को जल दें तथा पांच प्रकार के अनाजों को मिलाकर पक्षियों को दान करें आपके पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे।

तुला लग्नः- आपकी कुण्डली में शुक्र अष्टमेश एवं लग्नेश होता है। शुक्र का राशि परिवर्तन आपको सामान्य परिणाम देगा। आपके शारीरिक सौन्दर्य तथा स्वास्थ्य में कुछ कमी आ सकती है। इस अवधि मे आपको मानसिक परेशानियां हो सकती है। धन प्राप्ति के लिए आप अत्यधिक परिश्रम कर सकते है। धार्मिक एवं मांगलिक कार्यों मे भी आपका रुझान बढ़ेगा परन्तु वैवाहिक जीवन सामान्य के लिए यह समय अच्छा नही रहेगा। विद्यार्थी वर्ग अपने शिक्षा मे निरन्तर प्रयासरत रहेंगे तथा अपने बुद्धिबल द्वारा उच्च अंक की प्राप्ति करेंगे साथ ही भूमि, वाहन से भी लाभ की प्राप्ति करेंगे। कार्य-व्यवसाय मे लाभ प्राप्ति के योग बनेंगे तथा मान-सम्मान की प्राप्ति करेंगे।
उपायः- शुक्र के बीज मंत्र का जाप करें।

वृश्चिक लग्नः- आपकी कुण्डली में शुक्र का गोचर सप्तम भाव में हो रहा है जो आपके लिए अच्छा साबित होता है शारीरिक रुप से आप स्वस्थ्य महसूस करेंगे परन्तु मानसिक रुप से आप पीड़ित हो सकते है। इसके अलावा एसिडिटी एवं रक्तचाप के लोगों को अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। पारिवारिक जीवन के लिए यह समय अच्छा रहेगा। जीवनसाथी के स्वभाव में विनम्रता आयेगी तथा साझेदारी से भी आपको लाभ प्राप्त होगा। सामाजिक सम्बन्ध अच्छे रहेंगे धन का संग्रह करने में आप सक्षम होंगे पारिवारिक जीवन अच्छा बीतेगा तथा संतान का सहयोग भी मिलेगा। दैनिक रोजगार के क्षेत्र में आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे तथा सुख-सुविधाओं की प्राप्ति भी करेंगे।
उपायः-

धनु लग्नः- आपकी कुण्डली में शुक्र का गोचर षष्ठम भाव में हो रहा है जिसके कारण यह राशि परिवर्तन आपको नकारात्मक परिणाम दे सकता है। स्वास्थ्य के प्रति बेहद सावधान रहें साथ ही आमदनी प्राप्ति में भी कुछ रुकावटें बन सकती है। दूर संचार के माध्यमों से आप धन लाभ की प्राप्ति करेंगे तथा अपने शत्रुओं का सामना चतुराई एवं पराक्रम से करने में सक्षम होंगे। भूमि, वाहन के क्षेत्र में आपको लाभ प्राप्त होगा परन्तु माता को लेकर कुछ चिंता बन सकती है। आपका पराक्रम काफी बढ़ा-चढ़ा रहेगा संतान पक्ष को कुछ कष्ट मिल सकता है। कार्य-व्यवसाय मे आपको सफलता मिलेगी परन्तु साझेदारी एवं दैनिक व्यवसाय मे कुछ रुकावटें आ सकती है।
उपायः- प्रतिदिन विष्णु जी की आराधना करें, आपका दिन शुभ होगा।

मकर लग्नः- आपकी कुण्डली में शुक्र का राशि परिवर्तन पंचम भाव में हो रहा तथा शुक्र आपकी कुण्डली में पंचमेश एवं दशमेश होता है। आप शारीरिक रुप से स्वस्थ्य महसूस करेंगे परन्तु माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बन सकती है। कार्य-व्यवसाय के क्षेत्र में कुछ रुकावटें उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा भूमि, वाहन से सम्बन्धित कार्यों मे भी परेशानी बन सकती है। दैनिक रोजगार के क्षेत्र में आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे तथा वैवाहिक जीवन मे सुख-शांति बनी रहेगी। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें क्योंकि वाहन दुर्घटना का योग भी बन रहा है।
उपायः- शनि देव की आराधना करें, दिन शुभ होगा।

कुंभ लग्नः- आपकी कुण्डली में शुक्र का गोचर चतुर्थ भाव में हो रहा है। आपको भूमि, वाहन, मकान से सुख की प्राप्ति होगी तथा माता का भी सहयोग मिलेगा। आपके पारिवारिक जीवन मे सुख-शांति बनी रहेगी अपने भाग्य की उन्नति आप अपने परिश्रम द्वारा करने मे सक्षम होंगे इसके अलावा धार्मिक कार्यों मे भी आपकी रुचि बढ़ेगी। आपको पिता से सुख की अनुभूति होगी तथा राज्य-व्यवसाय द्वारा लाभ की प्राप्ति करेंगे इसके अलावा पिता के स्वास्थ्य की चिंता बन सकती है। विद्यार्थियों को अपने शिक्षा में अत्यधिक परिश्रम करना पड़ सकता है। धन अर्जन करने में आप सक्षम होंगे वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी एवं जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा।
उपायः- शनि के बीज मंत्रों का पाठ करें, दिन शुभ होगा।

मीन लग्नः- आपकी कुण्डली में शुक्र का राशि परिवर्तन पराक्रम भाव में हो रहा है। यह राशि परिवर्तन आपको सामान्य परिणाम देगा। आपका पराक्रम बढ़ा-चढ़ा रहेगा परन्तु आपको स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहना चाहिए तथा जीवनसाथी को लेकर भी चिंता बन सकती है। छोटे भाई-बहनों का सहयोग प्राप्त होगा तथा अपने पराक्रम द्वारा भाग्य की उन्नति करने में सक्षम होंगे। आर्थिक क्षेत्र में कुछ रुकावटें महसूस हो सकती है। कार्य-व्यवसाय मे आपको उच्च,पद, प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा तथा सुख-सुविधाओं की भी प्राप्ति होगी। विद्यार्थियों को अपने शिक्षा में अत्यधिक परिश्रम करने की आवश्यकता है।
उपायः- सफेद रंग की वस्तु का दान करें तथा गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करें।