14 अप्रैल खरमास की समाप्ति के बाद भी नही होंगे कोई मांगलिक कार्य

हमारे हिन्दू धर्म की परस्परा के अनुसार घर में किसी भी शुभ या मांगलिक काम को करने के लिए हिन्दू धर्म में शुभ या अशुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। मान्यता के अनुसार किसी भी शुभ कार्यों को दिये गये शुभ मुहूर्त में करने से अवश्य रूप से सफलता की प्राप्ति होती है। ऐसे में आपको यह बात भली-भाँति पता होगी कि सूर्य जब कभी कभी धनु या फिर मीन राशि में प्रवेश करते हैं तभी से खरमास आरंभ हो जाता है। इस वर्ष 15 मार्च से खरमास की शुरुआत हो गई थी जो कि पूरे एक माह तक चली इसके अनुसार 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करने वाले है उसी के साथ खरमास की समाप्ति भी हो जायेगी। मान्यता के अनुसार जब खरमास की समाप्ति हो जाती है उसके बाद ही सभी शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है परन्तु इस वर्ष खरमास की समाप्ति के बाद भी किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्यक्रम नहीं होंगें ऐसी स्थिति इस वर्ष क्यों उत्पन्न हो रही है। आइए हमारे प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य के. एम. सिन्हा जी के द्वारा जानते हैं।

क्यों नहीं होंगे कोई मांगलिक कार्य

जब कभी किसी शुभ कार्य या फिर मांगलिक कार्य होने की बात होती है तो ऐसी स्थिति मे खरमास के साथ-साथ बृहस्पति ग्रह का भी विशेष महत्व होता है क्योंकि बृहस्पति ग्रह सभी ग्रहों के स्वामी के रूप में जाने जाते हैं साथ ही इन्हें देवगुरू की भी संज्ञा दी गई है। इस वर्ष मार्च महीने के 28 मार्च को कुण्डली में गुरु बृहस्पति अस्त अवस्था में चले गये थे इसके बाद 22 अप्रैल को देवगुरु बृहस्पति मेष राशि में प्रवेश करने के बावजूद भी अस्त अवस्था में रहेंगे इसलिए खरमास खत्म हो जाने के बाद भी किसी प्रकार के शुभ या मांगलिक कार्य नहीं होंगे परन्तु 27 अप्रैल 2023 को बृहस्पति देव 2ः07 मिनट पर जब मेष राशि में प्रवेश होकर उदय अवस्था में हो जायेंगे उसके बाद सभी मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जायेंगे, ऐसे में आप अपने सभी शुभ कार्य दी गई तिथि और मुहूर्त के अनुसार कर सकते हैं।

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खरमास की समाप्ति के बाद कब से प्रारंभ होंगे शादी-विवाह जैसे मांगलिक काम

14 अप्रैल को खरमास की समाप्ति के बाद 27 अप्रैल को 02ः07 मिनट पर बृहस्पति देव का उदय पूर्व दिशा से हो रहा है ऐसे में बृहस्पति देव के उदय होने की अवस्था में ही सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जायेगी आपको बता दें 29 अप्रैल को बृहस्पति देव अपने बाल्यावस्था में रहेंगे, उसके 4 दिन बाद जब गुरु अपने किशोरावस्था में आ जायेंगे तभी से मांगलिक कार्यों की शुरुआत भी पूर्ण रूप से हो जायेगी।

● अप्रैल 2023 में विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं है परन्तु मई 2023 में विवाह के लिए कुछ शुभ मुहूर्त बतायें गये है। 6, 8, 9, 10, 11, 15, 16,20,21, 22, 27, 29 और 30 तिथि विवाह के लिए अत्यन्त शुभ है।